नई दिल्ली:- प्रॉपर्टी के रेट लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिसके कारण शहरी इलाके में रहने वाले लोगों के लिए घर खरीदना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। इसी बीच देश की केंद्र सरकार होम लोन पर ब्याज सब्सिडी स्कीम की शुरूआत करने जा रही है।
सरकार स्मॉल अर्बन हाउसिंग सेक्टर के लिए सस्ते दर पर लोन मुहैया कराने के लिए 600 मिलियन रुपये खर्च करने की योजना पर काम कर रही है।
तक लोन मिलता है. इसमें मैक्सिमम सब्सिडी अमाउंड 2.35 लाख रुपये है. यहां कार्पेट एरिया 160 वर्ग मीटर तक होता है.
सरकार का प्लान-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने भाषण में इसका एलान किया था. हालांकि, उनके इस भाषण के बाद अब तक कोई ऑफिशियल डिटेल सामने नहीं आई है. लेकिन रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्कीम के तहत 9 लाख रुपए तक के लोन पर 3 – 6.5% कम दर पर ब्याज मिल सकेगा. 20 साल के लिए 50 लाख रुपए से कम हाउसिंग लोन को इस स्कीम के दायरे में लाने का प्रस्ताव है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले कुछ महीनों में बैंक इस स्कीम की शुरूआत कर देगा.
25 लाख लोगों को फायदा-
सरकारी अधिकारी ने बताया कि, लाभार्थी के लोन अकाउंट में पहले ही ब्याज में छूट का लाभ क्रेडिट कर दिया जाएगा. फिलहाल इस स्कीम का प्रस्ताव 2028 तक के लिए है और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है. अगर इस स्कीम को लागू कर दिया जाता है तो, शहरी इलाकों में कम इनकम वाले 25 लाख लोगों को लाभ मिल सकता है, जो घर खरीदना चाहते हैं. अधिकारी के हवाले से यह भी कहा गया कि सब्सिडी क्रेडिट की ये रकम इस बात पर निर्भर करेगी कि घरों को लेकर कितना डिमांड देखने को मिलता है.
पीएम मोदी ने किया था एलान
पीएम मोदी ने अगस्त में दिये अपने भाषण में कहा था, ‘हम आने वाले वर्षों में एक नई योजना लेकर आ रहे हैं, जिससे शहरों में रह रहे उन परिवारों को फायदा मिल सकेगा जो किराये के मकानों, झुग्गियों, चॉल या अनाधिकृत कालोनियों में रह रहे हैं.”
हालांकि, उनके इस भाषण के बाद अभी तक हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
अभी घर बनाने वालों को सरकार दे रही है 2.5 लाख तक की छूट
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीएम आवास योजना को दिसंबर 2024 तक की अवधि के लिए आगे बढ़ा दिया गया है. पीएम आवास योजना का मकसद निम्न व मध्यम आय वाले लोगों को पक्के आवास मुहैया कराना है. इसमें तीन कैटेगरी हैं जिनमें से एक खासतौर पर महिलाओं को लाभ पहुंचाती है. तीन कैटेगरी इस प्रकार हैं- EWS व LIG, MIG-1 और MIG-2. EWS यानी इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन, एलआईजी मतलब लो इनकम ग्रुप, एमआईजी का मतलब मीडिल इनकम ग्रुप.
इस योजना में EWS व LIG वाले ग्रुप में खासकर महिलाओं को लाभ मिलता है. इसमें सब्सिडी मिलने की एकमात्र शर्त ही यही है कि घर का मालिकाना हक एक महिला के पास हो. आइए दोनों श्रेणियों के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं. इसके अलावा बाकी श्रेणियों के बारे में भी आपको जानकारी देंगे.
EWS और LIG
बता दें कि इसमें घर की आय 6 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. घर का कार्पेट एरिया ईडब्ल्यूएस के लिए 30 वर्ग मीटर और LIG के लिए 60 वर्ग मीटर होगा. सब्सिडी प्राप्त करने के लिए प्रमुख शर्त यह है कि यह प्रॉपर्टी महिलाओं के नाम पर ही होनी चाहिए. इसमें आपको अधिकतम लोन 6 लाख रुपये तक का मिलता है. इससे पहले परिवार के किसी भी सदस्य के पास अपना घर नहीं होना चाहिए. इसमें अधिकतम सब्सिडी 2.67 लाख रुपये की होगी जो आपकी पात्रता चेक करने के बाद बैंकों द्वारा सरकार से मांगी जाएगी और सीधे उन्हीं के खाते में पहुंचेगी. योजना में लोन अधिकतम 20 साल का होगा.
MIG-1
बता दें कि घर की इनकम 6 लाख से अधिक और 12 लाख रुपये तक होनी चाहिए. इसमें महिला की ओनरशिप वाली अनिवार्यता नहीं है. यहां लोन 9 लाख रुपये तक लोन मिलता है. इसमें मैक्सिमम सब्सिडी अमाउंड 2.35 लाख रुपये है. यहां कार्पेट एरिया 160 वर्ग मीटर तक होता है.
MIG-2
इसमें12.01 लाख रुपये से लेकर 18 लाख रुपये तक की आय होनी चाहिए. इसमें महिला के मालिकाना हक की अनिवार्यता नहीं इसमें कार्पेट एरिया 200 वर्ग मीटर हो सकता है. यहां लोन 12 लाख रुपये तक का मिलता है. बता दें कि सब्सिडी का अधिकतम अमाउंट 2.30 लाख रुपये है.
