नई दिल्ली:– भारत की सरकार दान, गेहूं, चावल और बाकी सभी खाद्य सामान की कीमतों, डिमांड और सप्लाई को सही दिशा में रखने के लिए सम-समय पर कदम उठाती रहती है. अब सरकार ने उड़द दाल पर बड़ा फैसला लिया है, जिसका सीधा असर इसकी कीमत पर देखने को मिल सकता है. इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. जानिए क्या है सरकार का नया फैसला.
ये है सरकार का नया फैसला
उड़द दाल की कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार ने इसके ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट की समय सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक कर दिया है. पहले यह सुविधा 31 मार्च 2024 तक के लिए थी. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि उड़द दाल पर फ्री इम्पोर्ट पॉलिसी अब मार्च 2026 तक जारी रहेगी. इस फैसले से देश में उड़द दाल की उपलब्धता बनी रहेगी और कीमतों में स्थिरता आएगी.
म्यांमार और इन देशों से उड़द दाल खरीदता है भारत
भारत मुख्य रूप से म्यांमार से उड़द दाल इम्पोर्ट करता है. मौजूदा कारोबारी साल के अप्रैल-नवंबर के बीच उड़द इम्पोर्ट की कुल वैल्यू 601.12 मिलियन डॉलर रहा, जिसमें से 549 मिलियन डॉलर की उड़द सिर्फ म्यांमार से आई. 2023-24 में उड़द इम्पोर्ट का आंकड़ा 663.21 मिलियन डॉलर था, जिसमें 646.6 मिलियन डॉलर का हिस्सा म्यांमार का था. इसके अलावा, भारत सिंगापुर, थाईलैंड और ब्राजील से भी उड़द दाल खरीदता है.
देश के प्रमुख उड़द उत्पादक राज्य
भारत और म्यांमार के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 2023-24 में 1.74 बिलियन डॉलर का रहा, जबकि 2022-23 में यह 1.76 बिलियन डॉलर था. इस व्यापार में म्यांमार का पलड़ा भारी रहा. मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और महाराष्ट्र देश के प्रमुख उड़द उत्पादक राज्य हैं. भारत उड़द का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश है.
