
प्रदेश मे जहरीली शराब पीने से 10 लोगों के मौत की पुष्टि हो गई वहीं कई की हालत गंभीर है। कई अन्य भी जहरीली शराब के शिकार हो सकते हैं। बताया गया कि आजमगढ़ स्थित अहरौला थाना में माहुल नगर पंचायत का मामला है। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य रवाना हो गए हैं।
जहरीली शराब पीने के बाद लोगों को उल्टियां होने लगीं तो उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां अभी भी कईयों का इलाज चल रहा है। 40 से अधिक लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिनमें से कई की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। आजमगढ़ के जिलाधिकारी ने इस मामले में कार्रवाई करते तीन आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने एक संयुक्त बयान में बताया कि दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और जांच जारी है। यह घटना ऐसे समय में सामने हुई है जब आजमगढ़ पुलिस ने नकली शराब बनाने व बेचने वाले 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से शराब की बोतलों के लगभग 1 लाख 40 हजार रुपये के ढक्कन, 1020 लीटर रेक्टीफाइड स्प्रिट व 33 पेटी शराब बरामद की गई।
शराब पीने के बाद 10 लोगों की मौत हो गयी है, तो कई लोगों की हालत नाजुक है। यह मामला आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल कस्बे का है।देसी शराब पीने से जिन 10 लोगों की मौत हुई है उनमें से चार माहुल नगर पंचायत के 32 साल के फेकू, 45 साल के झब्बू, 50 साल के रामकरन और 40 साल के अच्छेलाल शामिल हैं।
जबकि एक नाम फूलपुर कोतवाली के दखिनगांव का निवासी रामप्रीत यादव (60) है। इन सभी लोगों ने माहुल कस्बा स्थित देसी शराब की दुकान से शराब खरीदी थी। इसे पीने के बाद जब हालत बिगड़ने लगी तो आसपास के अस्पतालों में ले जाया गया था। यही नहीं, कई लोग अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।