नई दिल्ली। जब भी हम सेब के बारे में सोचते हैं तो सबसे पहली तस्वीर हमारे दिमाग में लाल सेब की आती है. सेब का रंग जितना लाल होगा, उसकी कीमत उतनी ही अधिक होगी. इतना ही नहीं लोग सेब की पहचान उसके रंग को देखकर भी करते हैं. हालाँकि, पिछले कुछ समय से बाजारों में हरे सेब की मांग भी बढ़ रही है. जिसे ग्रीन एप्पल के नाम से जाना जाता है. लेकिन इन दिनों ब्लैक एप्पल की चर्चा बाजार में काफी अधिक है. इसे काला हीरा सेब के नाम से भी जाना जाता है. क्या है इस काले सेव की खासियत आइए जानते हैं.
क्या है काला हीरा सेब?
दुनिया में सेब की 100 से भी ज्यादा किस्में पाई जाती हैं, उनमें से एक है ‘ब्लैक डायमंड एप्पल’. यह सेब की एक दुर्लभ किस्म है जो हर जगह आसानी से उपलब्ध नहीं होती है और न ही इसे कहीं उगाया जा सकता है. काले रंग का यह सेब गहरे बैंगनी रंग का होता है और तिब्बत की पहाड़ियों पर उगाया जाता है. यहां के निवासी इस फल को ‘हुआ निउ’ के नाम से जानते हैं. इसकी खेती समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर पहाड़ों में की जाती है. कहा जाता है कि ब्लैक डायमंड एप्पल के काले रंग के पीछे का कारण दिन के समय इन फलों पर पड़ने वाली पराबैंगनी किरणें हैं, जिसके कारण इनका रंग गहरा बैंगनी हो जाता है.
कब शुरू हुई काले सेब की खेती?
इस काले रंग के सेब की खेती बहुत पुरानी नहीं है, इसकी खेती साल 2015 में शुरू हुई थी. आपको बता दें कि इन काले सेब की खपत बीजिंग, गुआंगज़ौ, शंघाई और शेन्ज़ेन के सुपरमार्केट में सबसे ज्यादा है. ब्लैक डायमंड एप्पल की औसत कीमत की बात करें तो यह 50 युआन यानी 500 रुपये है.
क्या है काले सेब की खासियत?
काले सेब विटामिन और खनिजों के अलावा जरूरी पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत हैं. इनमें विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के और विभिन्न बी विटामिन होते हैं, जैसे थायमिन , राइबोफ्लेविन , और नियासिन .
काले सेब में विटामिन सी और विटामिन ई जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, साथ ही कैरोटीनॉयड और फ्लेवोनोइड जैसे विभिन्न फाइटोकेमिकल्स भी होते हैं.
काले सेब में मौजूद फाइबर, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट हृदय स्वास्थ्य में योगदान कर सकते हैं. फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है.
