देहरादून:- उत्तराखंड में आज एक और हेलीकॉप्टर हादसा हो गया. इस हादसे में पायलट समेत 6 तीर्थ यात्रियों की जान चली गई. यह हादसा कई परिवारों को गहरा जख्म दे गया. हेलीकॉप्टर हादसों की फेहरिस्त में ये पहली घटना नहीं है, जिसमें लोगों की जान गई हो. अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो अतीत में कई बड़े हेलीकॉप्टर हादसे हुए हैं, जो बेहद डरावने हैं.
केदारनाथ में सबसे ज्यादा हादसे: अब आपको उत्तराखंड में अब तक हुए हेलीकॉप्टर हादसों से रूबरू करवाते हैं. आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा हादसे केदारघाटी में हुए हैं. क्योंकि, यहां विश्व प्रसिद्ध चारधाम और बारह ज्योतिर्लिंग में से एक मंदिर केदारनाथ मौजूद है. जहां पहुंचने के लिए 16 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है.
इसके अलावा घोड़े-खच्चर के साथ डंडी कंडी, पिट्ठू या पालकी का सहारा भी लेते हैं, लेकिन सबसे सुगम और आसान सफर के लिए हेलीकॉप्टर की सुविधा है. केदारनाथ धाम आने-जाने के लिए तीर्थ यात्री हेलीकॉप्टर का सहारा लेते हैं, लेकिन खराब मौसम और एविएशन कंपनियों की लापरवाही से हादसे हो रहे हैं.
केदारघाटी में कई हेलीकॉप्टर हादसे हो चुके हैं, जिसमें असमय ही कई लोगों की जानें जा चुकी है. यही वजह है कि केदारघाटी को हेलीकॉप्टर हादसों का कब्रगाह यानी हब भी कहा जाता है. उत्तरकाशी, केदारनाथ, और बदरीनाथ जैसे चारधाम यात्रा से जुड़े क्षेत्रों में हादसे ज्यादा होते हैं. क्योंकि, इन क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ गया है.
उत्तरकाशी में आज हुआ हेलीकॉप्टर क्रैश: आज यानी 8 मई को उत्तरकाशी के गंगनानी में एयरोट्रांस सर्विस प्रा. लि. का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया. इस हादसे में पायलट समेत 7 यात्री (5 महिला और 2 पुरुष) की जान चली गई. यह हेलीकॉप्टर तीर्थ यात्रियों को लेकर देहरादून से सहस्त्रधारा से खरसाली हेलीपैड पहुंचा था.
इसके बाद खरसाली से अन्य तीर्थ यात्रियों को लेकर झाला-हर्षिल हेलीपैड के लिए रवाना हुआ, लेकिन गंगनानी नागराजा मंदिर के पास क्रैश हो गया. इस हादसे में महाराष्ट्र के 3, आंध्र प्रदेश के 2 और उत्तर प्रदेश के 1 यात्री की जान चली गई. जबकि, गुजरात के रहने वाले पायलट की भी जान गई.
उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर हादसों पर एक नजर-
12 जून को 2010 में केदारनाथ में हेलीकॉप्टर के पंखे से कटकर एक व्यक्ति की जान चली गई थी.
जून 2013 में केदारनाथ आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य में जुटे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. जिसमें पायलट की जान गई थी.
21 जून 2013 को एक प्राइवेट हेलीकॉप्टर गरुड़चट्टी के पास पहाड़ी पर क्रैश हुआ था. जिसमें पायलट समेत 2 लोगों की जान चली गई थी. अचानक धुंध उठने से विजिबिलिटी जीरो होने से यह हादसा हुआ था.
25 जून 2013 को केदारनाथ आपदा के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा वायुसेना का एमआई 17 (MI 17) हेलीकॉप्टर खराब मौसम के चलते हादसे का शिकार हुआ. इस हादसे में पायलट, को पायलट, जवानों समेत करीब 20 लोगों की जानें गई. गौरीकुंड-रामबाड़ा के बीच पहाड़ियों में कोहरे और खराब मौसम की वजह से यह हादसा हुआ था.
24 जुलाई 2013 को केदारनाथ में एक हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था. इस हादसे में एक पायलट और एक इंजीनियर की दर्दनाक मौत हो गई थी.