विलुप्पुरम:- तमिलनाडु के वलवनूर के पास मेलपाथी गांव में ऐतिहासिक माता द्रौपदी मंदिर को गुरुवार सुबह फिर से खोल दिया गया. मद्रास हाई कोर्ट के निर्देश के बाद दलित श्रद्धालुओं समेत सभी समुदाय के लोगों ने भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करने की अनुमति मिल गई. हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार ग्रामीणों के एक समूह के विरोध के कारण इलाके में तनावपूर्ण माहौल है.
मंदिर के द्वार सुबह 5:30 बजे खोले गए और सुबह 6:00 बजे से सार्वजनिक पूजा की व्यवस्था की गई. करीब 22 महीनों में पहली बार भक्तों को कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर में दर्शन के लिए जाने की अनुमति दी गई.
जिला पुलिस अधीक्षक सरवनन के नेतृत्व में 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को शांति सुनिश्चित करने और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए तैनात किया गया है. इस दौरान जगह जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. बाहरी लोगों को मेलपाथी गांव के अंदर प्रवेश पर रोक लगाई गई है, जिसके लिए आने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है. राजस्व अधिकारियों ने लाउडस्पीकर से घोषणा की कि मंदिर अब सभी के लिए खुल गया है और कोई भी अंदर जाकर पूजा पाठ कर सकता है.
दलित समुदाय के लिए बड़ा क्षण
पुलिस सुरक्षा में 100 से अधिक दलितों ने जुलूस निकाला और पहली बार प्रार्थना करने के लिए 100 साल पुराने माता द्रौपदी के मंदिर ( द्रौपदी अम्मन मंदिर) में प्रवेश किया. यह दलित समुदाय के लिए एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण था. पुलिस के अनुसार, मंदिर अपने सामान्य कार्यक्रम को जारी रखेगा, जो प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे तक और इसके अलावा शुक्रवार को शाम 6:00 बजे से 7:00 बजे तक खुला रहेगा. किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरे गांव में पुलिस गश्त कर रही है.
एक समूह ने किया विरोध
कोर्ट के आदेश के बावजूद, एक गुट ने राजस्व अधिकारियों पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए मंदिर को फिर से खोलने के समय का विरोध किया है. इस समूह ने आज की पूजा में भाग लेने से परहेज किया और दावा किया कि वे कल मंदिर में पूजा करेंगे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दूसरे समुदाय की महिलाएं दलितों के मंदिर में प्रवेश के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं.
मेलपाथी मंदिर में दलितों को पूजा करने के अनुमति
क्या है पूरा मामला
मंदिर में प्रवेश को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद के कारण जून 2023 में तनाव और कानून-व्यवस्था की समस्याएं पैदा हो गईं, जिसका नतीजा यह हुआ कि, राजस्व अधिकारियों ने 7 जून, 2023 को मंदिर को सील कर दिया.
मेलपाथी में मां द्रौपदी का मंदिर
मेलपाथी के दलित ग्रामीणों की याचिका के बाद, मद्रास हाई कोर्ट ने सार्वजनिक पूजा के लिए मंदिर को फिर से खोलने की अनुमति दी और समान प्रवेश को अनिवार्य कर दिया. शुरुआत में, सार्वजनिक प्रवेश के बिना केवल वर्चुअल अनुष्ठान की अनुमति थी. हालांकि, हाल ही में एक आदेश में, अदालत ने दोनों समुदायों के भक्तों को प्रवेश करने और पूजा करने की अनुमति दी.