नई दिल्ली:– नमक के बिना तो खाना इनकंप्लीट रहता है। भले ही आप कितने भी स्वीट टूथ क्यों न हों, लेकिन दिनभर में अगर नमक न मिले तो कई सारी समस्याएं हो सकती हैं। नमक न तो बहुत ज्यादा खाना चाहिए और ना ही बहुत कम। इसे सीमित मात्रा से अधिक खाने पर बीपी, कमजोर हड्डियां, डिहाइड्रेशन और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, कम मात्रा में खाने पर बीपी कम होना, बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा हो सकता है।
सिंपल भाषा में डेली मील में नमक का होना शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। क्योंकि रेगुलर नमक में सोडियम की मौजूदगी होती है, जो शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और सेल्स को न्यूट्रिएंट्स को अवशोषित करने में मदद करता है। लेकिन इस बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की तरफ से कम सोडियम वाले नमक खाने की अपील की गई है।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में बताया गया है कि हर सालविश्व भरमें करीब 1.9 मिलियन मौतें हाई सोडियमइनटेकके कारण होती हैं। ऐसे में संगठन ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज (सीवीडी) के जोखिम को कम करने के लिए सोडियम का सेवन डेली 2 ग्राम से कम करने की सिफारिश करता है।
लोअर-सोडियम सॉल्ट सब्सीट्यूट्स (LSSS) रेगुलर सॉल्ट के विकल्प हैं। इनमें रेगुलर सॉल्ट की तुलना में कम सोडियम होता है और रेगुलर सॉल्ट के समान टेस्ट पाने के लिए अक्सर अन्य एजेंटों के साथ या उनके बिना पोटेशियम क्लोराइड शामिल होता है।
WHOने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया है कि कुछ सोडियम क्लोराइड को पोटेशियम क्लोराइड से बदलने से सोडियम-कम करने वाले प्रभाव के अलावा,रेगुलर सॉल्ट की तुलना में फायदा मिल सकता है।LSSSके इस्तेमाल को नेशनल हेल्थ अथॉरिटी और पब्लिक हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा ब्लड प्रेशर औरCVDरिस्क को कम करने के लिए संभावित सोडियम कटौती रणनीति के रूप में माना जा रहा है,और उनका उपयोग बढ़ रहा है।
बता दें नमक के अधिक सेवन से दिल की बीमारियां,स्ट्रोक,और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है जो कि विश्व स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारण हैं। हार्ट डिजीज की रोकथाम के लिए डब्ल्यूएचओ (ref.) द्वारा प्रति व्यक्ति के लिए डेली 5 ग्राम से कम नमक (लगभग 2 ग्राम सोडियम) का सेवन करने की सिफारिश की थी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
