नई दिल्ली, Ganesh Chaturthi 2022 : कल यानी 31 अगस्त को विघ्नहर्ता भगवान गणेश घर-घर विराजित होंगे. 10 दिनों तक चलने वाला यह उत्सव गणेश चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी तक चलेगा. देश के कोने-कोने में गणेश उत्सव की धूम रहेगी. इस दौरान गणेश जी के भक्त उनकी प्रतिमा को पूरे हर्षोल्लास के साथ घर पर लाते हैं और स्थापित करते हैं. लेकिन मूर्ति स्थापित करने को लेकर आपको कुछ बातों का धयान रखना बहुत जरुरी है नहीं तो यह अशुभ माना जाता है और आपको धन हानि और कष्टों का सामना करना पड़ सकता है. तो आइये जानते है घर में सुख समृद्धि पाने के लिए गणपतिजी की मूर्ति को कहां और कैसे विराजित करें.
इस दिशा में स्थापित करें गणेशजी की प्रतिमा –
वास्तु शास्त्र के अनुसार गणेश जी को विराजमान करने के लिए पूर्व दिशा और उत्तर पूर्व कोना शुभ माना गया है. ऐसा करने से मंगलदायक परिणाम की प्राप्ति होती है. लेकिन भूलकर भी इन्हें दक्षिण और दक्षिण पश्चिम कोण में नहीं रखें इससे हानि होती है.
ये कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरुरी है जैसे-
भगवान गणेश की प्रतिमा को साफ सुथरी जगह पर रखें.
प्रतिमा के आसपास कूड़ा कचरा न हो और घर का टॉयलेट नहीं होना चाहिए.
घर में भगवान गणेश का स्थान सीढि़यों के नीचे नहीं होना चाहिए क्योंकि दिन में हम कई बार सीढियों से आना-जाना करते हैं और प्रतिमा के उपर से जाना अशुभ माना जाता है.
इस बात का खास ख्याल रखें कि घर में एक ही जगह पर गणेश जी की दो मूर्ति एक साथ नहीं रखें.वास्तु शास्त्र के अनुसार इससे उर्जा का आपस में टकराव होता है जो अशुभ फल देता है.
शुभ मुहूर्त-
गणेश चतुर्थी पर गणेशजी की स्थापना और पूजा के लिए दिनभर में कुल 6 शुभ मुहूर्त रहेंगे। सुबह 11.20 बजे से दोपहर 01.20 बजे तक का समय सबसे अच्छा रहेगा, क्योंकि इस वक्त मध्याह्न काल रहेगा, जिसमें गणेश जी का जन्म हुआ था।