नई दिल्ली:- भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित महाशिवरात्रि का पावन पर्व 8 मार्च दिन शुक्रवार को है. महाशिवरात्रि के अवसर पर व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की विधि विधान पूजा-अर्चना करते हैं.महाशिवरात्रि पर शिव पूजा के कुछ नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन जरूरी होता है. शिव जी को पूजा के समय अक्षत चढ़ाते हैं. हम सब कई बार जानकरी के अभाव में गलत तरीके से भोलेनाथ को अक्षत अर्पित कर देते हैं. ऐसे नहीं करना चाहिए. गलत तरीके से की गई पूजा फलित नहीं होती है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं शिव जी को अक्षत चढ़ाने की विधि क्या है? अक्षत चढ़ाने का मंत्र क्या होता है? भगवान भोलेनाथ को अक्षत क्यों चढ़ाते हैं?
शिव जी पर अक्षत चढ़ाने की सही विधि
- अक्षत का अर्थ होता है, जिसका क्षय न हो. अक्षत उन चावल को कहा जाता है, जो साबुत होते हैं, टूटे नहीं होते हैं. वे अखंडित चावल होते हैं.
- शिवलिंग या फिर शिव जी पर हमेशा साबुत चावल ही अक्षत के रूप में चढ़ाना चाहिए.
- शिवजी को अखंडित चावल चढ़ाने से धन, धान्य, मान-सम्मान आदि की प्राप्ति होती है, जिसका कभी क्षय नहीं होता है.
- भगवान शिव को अक्षत चढ़ाने से माता अन्नपूर्णा भी प्रसन्न होती है. उनकी कृपा से आपके घर में हमेशा धन और धान्य भरा रहता है.
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