मान्यता है कि शिवलिंग में जल और दूध चढ़ाने से व्यक्ति को हर तरह के कष्ट से छुटकारा मिल जाता है और धन धान्य की प्राप्ति होती है। देवताओं में अगर सबसे दयालू किसी को माना गया है तो वो हैं भगवान शिव। लेकिन किसी से गलती हो जाए तो फिर उनसे बड़ा कोई क्रोधी भी नहीं होता है। भगवान शिव इतने भोले हैं कि जो भी भक्त उन्हें सच्चे मन से पुकारता है तो उसकी मनोकामनाएं जरूर पूरी करते हैं। यही कारण है कि ज्यादातर लोग भगवान शिव की पूजा करने के लिए शिवलिंग को घर में स्थापित करना चाहते हैं। ऐसे में अगर आप भी घर में शिवलिंग स्थापित करने जा रहे हैं, तो इन नियमों का जरूर ध्यान रखें।
जब आप अपने घर पर शिवलिंग स्थापित कर रहे हों, तो ध्यान रखें कि शिवलिंग को कभी भी अकेले न रखें। इसके साथ मां पार्वती और गणेश की मूर्तियां भी रखें। इसके अलावा, शिवलिंग पर भूलकर भी तुलसी की पत्तियां नहीं चढ़ानी चाहिए, शिवलिंग पर हमेशा बेलपत्र ही चढ़ाना चाहिए।
घर में शिवलिंग स्थापित करने से पहले स्थान का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। ध्यान रहे कि घर के कोने में शिवलिंग न रखें। ऐसी जगह का चुनाव करने से भगवान शिव की ठीक से पूजा नहीं हो पाती है। इससे भगवन शिव क्रोधित हो जाते हैं और जीवन में गलत प्रभाव पड़ सकता है।
घर में शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा नहीं करवानी चाहिए। उसको वैसे ही रखकर विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। उनका नित्य अभिषेक करना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि शिवलिंग का स्थान न बदलें, अगर विशेष कारणों से ऐसा करना पड़ रहा है, तो शिवलिंग को हटाने से पहले उसे गंगाजल और ठंढे दूध से स्नान कराएं फिर जगह को बदलें।
