नई दिल्ली:- नॉर्थ ईस्ट स्मॉल फाइनेंस बैंक का नाम अब बदल चुका है. इसे अब ‘स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड’ के नाम से जाना जाएगा. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंक को अपना नाम बदलने के लिए बीते 21 मई को इसका अप्रूवल दिया था.
ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई बैंक अपना नाम बदल ले तो उसके पुराने चेक बुक, IFSC कोड का क्या होगा? क्या वह पुरानी पासबुक, डेबिट कार्ड्स से लेनदेन कर सकते हैं और इसको लेकर RBI के नियम क्या है, तो चलिए अब आपको इसके बारे में बताते हैं.
बैंक का नाम बदलने पर पुराने दस्तावेजों से हो सकता है लेनदेन
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार अगर कोई बैंक अपना नाम बदले तो उसके कस्टमर्स अपने पुरानी पासबुक, डेबिट कार्ड्स और चेक बुक के जरिए लेन-देन कर सकते हैं. उन्हें बैंक का नाम बदलने के बाद पुराने दस्तावेज होने पर लेनदेन से नहीं रोका जा सकता है.
क्या आईएफएससी कोड में होगा बदलाव
RBI के नियमानुसार बैंक के नाम बदलने के बाद उसके IFSC कोड में तब तक कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, जब तक कि बैंक इसको लेकर अलग से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं कर दे. यानी जब तक इसको लेकर बैंक की ओर से कोई नोटिफिकेशन नहीं आता है, तब तक ग्राहक पुराने आईएफएससी कोड का इस्तेमाल कर सकते हैं.
बदलाव होने में लगेगा समय
बता दें कि इनमें से कोई भी बदलाव तुरंत नहीं होता है. इसके लिए कुछ समय लगता है. नाम बदलने के बाद बैंक अपने ग्राहकों को नए पासबुक, चेक बुक और डेबिट कार्ड जारी करती है. इतना ही जब तक बैंक की तरफ से नोटिफिकेशन जारी नहीं कर दिया जाता तब ग्राहक पुराने चेकबुक, पासबुक और डेबिट कार्ड्स से लेनदेन जारी रहता है.