नई दिल्ली:– हर इंसान के अंगों में कहीं न कहीं तिल जरूर पाया जाता है, विज्ञान इसे खराब कोशिका बताती है, तो हिंदू धर्म में इसके शुभ व अशुभ फल के बारे में बताया जाता है। सामुद्रिक शास्त्र में शरीर पर तिलों के अर्थ बताए गए हैं, जो कि इंसानों के लिए शुभ फलदायी और अशुभ भी साबित होते हैं। माना जाता है कि ये तिल व्यक्ति के पर्सनालिटी को भी बताते हैं कि उसका स्वभाव कैसा है। ऐसे में आज हम शरीर के उस हिस्से के बारे में बाते करेंगे जहां तिल हो तो व्यक्ति को बेहद भाग्यशाली माना जाता है, साथ ही उसे खाने-पीने का भी शौकीन बताया जाता है। ये कोई और जगह नहीं बल्कि व्यक्ति का पेट है…
अलग-अलग होता है प्रभाव
सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक, पेट पर तिल का महिलाओं और पुरुषों पर अलग-अलग प्रभाव डालता है। कहा गया है कि पुरुषों के पेट में तिल होने से पता चलता है कि वह करियर क्षेत्र में आगे रहेंगे, उन्हें धन की भी कमी नहीं रहेगी। वहीं, महिलाओं के पेट में तिल होने का अर्थ है कि उन्हें पारिवारिक सुख, संतान सुख और वैवाहिक जीवन से जुड़े सभी सुख मिलेंगे। इनके जीवन में तनाव न के बराबर रहता है। आगे सामुद्रिक शास्त्र में यह भी कहा गया कि पेट के अलग-अलग हिस्सों में होना अलग-अलग मायने बताता है।
दाईं ओर तिल का मतलब
पेट के दाईं ओर तिल हैं तो ऐसे लोग काफी भाग्यशाली होते हैं, वो अपने लक्ष्य को लेकर हमेशा क्लीयर विजन रखते हैं और उसे हासिल करके ही मानते हैं। ऐसे लोग करियर क्षेत्र से लेकर हर क्षेत्र में सफल होते ही हैं। इसके अलावा इनके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती। इनका प्रेम जीवन भी सुखमय होता है और इनकी पर्सनैलिटी लोगों पर काफी प्रभावशाली होती है।
बाईं ओर तिल का मतलब
अगर जातक के पेट पर बाईं ओर तिल हैं तो उसका जीवन काफी चुनौतीपूर्ण है। इन्हें अपनी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है, इसके बाद ही भाग्य इनका साथ देता है। साथ ही ऐसे लोग बहुत ज्यादा बातूनी होते हैं और इनके पास एक से अधिक संपत्ति पाई जाती है।
पेट पर तिल होने का एक और संकेत हैं कि ऐसे लोगों का पाचन तंत्र कमजोर होता है, इसे लेकर उन्हें हमेशा सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, पेट पर तिल वाले खाने-पीने के बेहद शौकीन माने जाते हैं। इन्हें अपने खाने के क्रेविंग्स को कंट्रोल करने में बहुत दिक्कत होती है।
