नई दिल्ली:– आयुर्वेद में, नाभि को जीवन का प्रारंभिक बिंदु माना जाता है. इसलिए, तेल से नाभि की देखभाल करना और इसे साफ रखना कई स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने में सहायता कर सकता है. इसके अलावा, नाभि को शरीर का केंद्र भी माना जाता है, जो जीवन और जीवन शक्ति के स्रोत का प्रतिनिधित्व करता है. लेकिन आज के समय में कम ही लोगों को पता है नाभि में तेल लगाने के कितने फायदे हो सकते हैं. आपको बता दें कि सिर्फ नाभि में ही नहीं बल्कि शरीर के किसी अंग में तेल लगाना लाभकारी होता है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं, सरसों का तेल नाभि में डालने से कितने फायदे हो सकते हैं.
नाभि में तेल लगाने के फायदे
नाभि के पास तेल की मालिश करने से अपच, मासिक धर्म में ऐंठन और कब्ज जैसे विभिन्न कारकों के कारण होने वाले पेट दर्द से राहत मिल सकती है.
नाभि के पास तेल लगाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
माना जाता है कि नाभि पर तेल की मालिश करने से तनाव और चिंता को कम किया जा सकता है.
नाभि पर तेल की मालिश करने से प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाने में भी मदद मिल सकती है.
नाभि फेफड़ों से जुड़ी होती है, और इस क्षेत्र पर तेल की मालिश करने से बलगम को बाहर निकालने और श्वसन प्रणाली में सूजन को कम करने में मदद मिलती है.
यह खांसी, घरघराहट और सांस की तकलीफ जैसे लक्षणों को ठीक करने में मदद कर सकता है.
नाभि कई महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं से जुड़ी होती है, और इस क्षेत्र पर तेल की मालिश करने से त्वचा में रक्त परिसंचरण में सुधार होता है, जिससे आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और त्वचा के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है. यह त्वचा की बनावट को बेहतर बनाने और मुंहासे, एक्जिमा और सोरायसिस जैसे त्वचा विकारों को रोकने में मदद कर सकता है.
नाभि के पास तेल लगाने से जोड़ों के दर्द से भी राहत मिल सकती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि नाभि कई महत्वपूर्ण नसों और धमनियों से जुड़ी होती है, जो जोड़ों को रक्त की आपूर्ति करती हैं.
