बिहार:– छठ पूजा एक अत्यंत श्रद्धा और संयम का पर्व है, जिसमें व्रती उपवास करने वाला व्यक्ति सूर्य देव और छठ माता की आराधना करते हैं. इस दौरान 36 घंटे तक निर्जला बिना जल और भोजन के व्रत रखना शरीर के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है. पहली बार व्रत रखने वालों को अपनी सेहत और ऊर्जा का ध्यान विशेष रूप से रखना चाहिए. यहाँ कुछ जरूरी सावधानियां और सुझाव दिए गए हैं. तो अगर आप पहली बार छठ व्रत कर रहे हैं, तो इन सभी बातों का विशेष रूप से ध्यान रखें.
व्रत से पहले की तैयारी
हाइड्रेशन बढ़ाएँ: व्रत शुरू होने से 2-3 दिन पहले पानी, नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी आदि अधिक मात्रा में पिएँ ताकि शरीर में पानी की कमी न हो.
हल्का और पौष्टिक भोजन करें: कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन जैसे दलिया, फल, हरी सब्जियाँ, सूखे मेवे आदि खाएँ. तला-भुना या बहुत मसालेदार खाना न लें.
नींद पूरी करें: व्रत से पहले पर्याप्त नींद लें ताकि थकान कम महसूस हो.
व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
धूप और भीड़ से बचें:पूजा के दौरान ज़्यादा देर धूप में न रहें, खासकर अगर चक्कर या कमजोरी महसूस हो.
शरीर पर ठंडा पानी छिड़कें: अगर गर्मी या कमजोरी महसूस हो, तो थोड़ा पानी शरीर पर छिड़कें या गीला कपड़ा रखें.
साँस लेने की गति सामान्य रखें: तनाव या अत्यधिक मेहनत से बचें. धीरे और गहरी साँस लें.
जरूरत पड़े तो बैठ जाएँ: अगर बहुत कमजोरी या चक्कर आने लगे, तो थोड़ी देर आराम करें या बैठ जाएँ. पूजा में श्रद्धा महत्त्वपूर्ण है, लेकिन स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी है.
व्रत खोलते समय अर्घ्य के बाद
धीरे-धीरे जल ग्रहण करें: सबसे पहले थोड़ा जल या गुनगुना पानी पिएँ.
हल्का भोजन करें: ठेकुआ, फल या खजूर जैसी हल्की चीज़ें लें. तुरंत भारी भोजन न करें.
कैफीन और तले खाद्य पदार्थों से बचें: व्रत के बाद तुरंत चाय, कॉफी या तली हुई चीज़ें न खाएँ, इससे पेट पर असर पड़ सकता है.
विशेष सुझाव
अगर आपको ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ या कोई अन्य बीमारी है, तो व्रत से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें.
परिवार के किसी सदस्य को अपने स्वास्थ्य की निगरानी के लिए कहें.
श्रद्धा के साथ लेकिन अपनी क्षमता के अनुसार व्रत करें।
