नई दिल्ली :- ट्रेन में यात्रा के दौरान अगर आपका मोबाइल फोन कहीं गुम हो जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है. रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों की इस बड़ी परेशानी का समाधान ढूंढ़ लिया है. आरपीएफ अब दूरसंचार विभाग के सीईआईआर पोर्टल की मदद से गुम हुए या चोरी हुए मोबाइल फोन को न सिर्फ ट्रैक करेगा बल्कि उन्हें ढूंढ़ कर उनके असली मालिकों तक पहुंचाने का काम भी करेगा. इस कदम से हर साल लाखों रेल यात्रियों को सीधे राहत मिलेगी जो मोबाइल खोने की शिकायत लेकर दर-दर भटकते थे. इस नई व्यवस्था को देशभर में लागू किया जा रहा है, जिससे मोबाइल रिकवरी का काम और ज्यादा तेज और प्रभावी बनेगा.
इस तरह मिलेगा खोया मोबाइल:
- यात्री रेल मदद ऐप या 139 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
- अगर एफआईआर कराना नहीं चाहते तो सीधे सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है.
- आरपीएफ की साइबर सेल मोबाइल के आईएमईआई नंबर को ब्लॉक कर देगी, जिससे उसका गलत इस्तेमाल रुक जाएगा. जैसे ही मोबाइल में नई सिम डाली जाएगी, सिस्टम अलर्ट देगा. फोन को रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
- मोबाइल मिलने के बाद यात्री निकटतम आरपीएफ पोस्ट जाकर आवश्यक दस्तावेज दिखाकर अपना फोन वापस ले सकते हैं.
यात्रियों का बढ़ेगा भरोसा : रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक मनोज यादव के मुताबिके सीईआईआर पोर्टल से मिली तकनीकी ताकत से हम अब यात्रियों को एक पारदर्शी और तेज रिकवरी सिस्टम दे पाएंगे. ये कदम डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक नया अध्याय है. इससे यात्रियों का भरोसा और मजबूत होगा.
ऑपरेशन अमानत’ से लेकर डिजिटल ट्रैकिंग तक: आरपीएफ पहले से ही “ऑपरेशन अमानत” के तहत यात्रियों की गुम हुई संपत्ति लौटाने का काम करती आ रही है. जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरपीएफ ने 84.03 करोड़ रुपये की संपत्ति वापस लौटाई. अब सीईआईआर पोर्टल की मदद से गुम हुए मोबाइलों की रिकवरी को भी उसी मुहिम का हिस्सा बनाया गया है. इस तकनीक का पायलट प्रोजेक्ट मई 2024 में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे में शुरू हुआ. वहां कई मोबाइल रिकवर हुए और चोरी में शामिल लोग भी पकड़े गए. अब इस सफल प्रयोग को देशभर में लागू किया जा रहा है.