रीवा:- यदि आपका बच्चा भी हकलाता है या उसके अंदर इस तरह की कोई कमी या दिक्कत है, जिसे लेकर वह अक्सर गुमसुम रहता है या खुद को दूसरे बच्चों से कमतर समझता है तो फिर आपको बच्चे पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है. क्योंकि मध्यप्रदेश के रीवा से एक मामला ऐसा सामने आया है, जहां पर एक बच्चा, जिसे हकलाने की परेशानी थी लेकिन इस परेशानी के चलते वह खुद को दूसरे बच्चों से कमतर समझने लगा और डिप्रेशन में आकर सुसाइड करने निकल पड़ा.
छात्र के गायब होने के एक दिन पहले ही परिजनों स्कूल में छोड़कर आए थे. छात्र रीवा जिले के छोटे से गांव जवा का रहने वाला था. यह छात्रा पिछले दो माह से छुट्टी पर था. बीते सोमवार 8 जनवरी की दोपहर छात्र के पिता उसे सैनिक स्कूल में छोड़कर आए थे. उसके बाद ही छात्र स्कूल से गायब हो गया. 48 घंटे से अधिक समय तक गायब रहने के बाद जब छात्र मिला तो वजह जानकर सब हैरान रह गए.
इस छात्र को बोलने में थोड़ी दिक्कत थी ,वह हकलाने की आदत से परेशान था. लिहाजा उसे टीस होती थी कि वह दूसरे छात्रों से कंपटीशन में पीछे रह जायेगा. इसी वजह से वह पिछले कई महीने से छुट्टी पर था और वह स्कूल नही जाना चाहता था. पढ़ने में होशियार होने के साथ ही वह फिजिकल और मेंटल दोनों तरह से मजबूत था. इसलिए वह कोचिंग हब कोटा में जाकर बड़े लक्ष्य को पाने के लिए अपने आपको तैयार करने का सपना देख रहा था.
और फिर ऐसे मिला छात्र
इसी वजह से जब पिता सैनिक स्कूल छोड़कर गए तो छात्र उसी दिन स्कूल से गायब हो गया. गायब होने से पहले उसने एक सुसाइड नोट लिखा और अपने हॉस्टल के रूम में बिस्तर पर रख दिया. इसके बाद अपने चारो बैग को लेकर स्कूल से बाहर आया और रीवा दिल्ली ट्रेन पकड़कर दिल्ली पहुंच गया. लेकिन रास्ते में उसका मन बदल गया. फिर दिल्ली से वापस आने वाली उसी ट्रेन से पुन लौट रहा था, इसी बीच सतना स्टेशन में सैनिक स्कूल के एक छात्र की नजर अपने इस सीनियर छात्र पर पड़ी और उसने स्कूल को सूचना दे दी. छात्र को तलाश रहे स्कूल प्रबंधन और पुलिस ने रेलवे स्टेशन में ही तस्दीक कर लिया. इसके बाद पुलिस ने छात्र को परिजनों को सुपुर्द कर राहत महसूस की.
