बिलासपुर यूनिवर्सिटी में चल रहे बिहेवियर क्लब में छात्रों को अपने धर्म और संस्कृति से तोड़ने का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है l इस क्लब में छात्रों को नास्तिक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है l क्लब की मेंटर पूजापाठ को अन्धविश्वास बताते हुए और मंदिरों और देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिपण्णी करने से भी नहीं कतराती है l
यूनिसेफ के सहयोग से संचालित इस क्लब का सच तब सामने आया, जब इसके क्लास का विवादित video वायरल हो गया lविवादित वीडियो के वायरल होने के बाद बिहेवियर क्लब का विरोध भी होने लगा है। छात्रों ने इस पर बैन लगाने की मांग की थी, जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने कार्रवाई की है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने क्लब के सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी है
इसमें पहला गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी और दूसरा बस्तर के शहीद महेंद्र कर्मा यूनिवर्सिटी भी शामिल है। क्लब का उद्देश्य विद्यार्थियों के सामाजिक और व्यक्तिगत व्यवहार में परिवर्तन लाना है l इसके लिए क्लब ने यूनिवर्सिटी के छात्रों को इसमें जोड़ा और सप्ताह में एक बार मेंटर क्लब के सदस्य जो की छात्र होते है उनसे मीटिंग कर, उनसे समाज के ऐसे पहलुओं पर बात करते है जिनमे बदलाव की जरुरत है l
क्या था वायरल video में –यूनिवर्सिटी में संचालित बिहेवियर क्लब की बैठक और क्लास का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें एक महिला मेंटर अपने आप को नास्तिक बता रही है। साथ ही स्टूडेंट्स से कह रही है कि पूजा पाठ अंधविश्वास है। वीडियो में वह पुरुषों के साथ ही मंदिर और देवी-देवताओं पर भी टिप्पणी कर रही हैं।
