नई दिल्ली:– जन्माष्टमी से पहले मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी हैं। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जन्माष्टमी के पर्व के एक दिन पहले रविवार को घोषणा की। जिसके अनुसार राज्य सरकार भगवान कृष्ण के जीवन के अलग-अलग पक्षों पर संवाद के लिए नगरीय क्षेत्रों में केंद्र खोलेगी। बता दें , जन्माष्टमी का त्योहार 26 अगस्त को देशभर में मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री यादव ने की घोषणा
यादव ने इंदौर के गीता भवन में भगवान कृष्ण पर आयोजित परिसंवाद में कहा, ‘‘इंदौर का गीता भवन भगवान कृष्ण के विविध पक्षों पर संवाद का बड़ा केंद्र है। मैं आज घोषणा कर रहा हूं कि हमारी सरकार आने वाले समय में राज्य के नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन की तर्ज पर केंद्र खोलेगी जिनसे हमें भगवान कृष्ण के अलग-अलग पक्षों पर चर्चा-परिचर्चा का अवसर मिलेगा।”
इस केंद्र पर होगा धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन
उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावित केंद्रों के लिए नगरीय निकायों को राज्य सरकार द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों को पौराणिक विषयों पर प्रामाणिक ज्ञान के आदान-प्रदान के स्थानों के रूप में विकसित किया जाएगा। इंदौर का गीता भवन एक पारमार्थिक ट्रस्ट का संचालित संस्थान है जहां अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
जन्माष्टमी के पर्व में डूबे मुख्यमंत्री यादव
आपको बताते चलें कि, आज के दिन जन्माष्टमी के एक दिन पहले, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार को इंदौर में भगवान कृष्ण और राधा की वेश-भूषा में एक पंडाल के नीचे जुटे करीब 5,000 बच्चों के साथ इस पर्व के उत्साह में डूबे दिखाई दिए। इस मौके पर उन्होंने भगवान कृष्ण के अलग-अलग पक्षों पर संवाद के लिए राज्य के नगरीय क्षेत्रों में विशेष केंद्र खोलने और हर विकासखंड में एक गांव को आदर्श ग्राम के तौर पर विकसित किए जाने की घोषणाएं कीं। यादव, इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं।
बच्चों के बीच नजर आए मुख्यमंत्री
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राधा और कृष्ण की वेश-भूषा में शहर के दशहरा मैदान में जुटे करीब 5,000 बच्चों के साथ जन्माष्टमी का उत्सव मनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों पर गुलाब की पंखुड़ियों की बौछार की। उन्होंने कुछ बच्चों को गोद में उठाकर दुलारते हुए उन्हें मक्खन भी खिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इंदौर का गीता भवन भगवान कृष्ण के विविध पक्षों पर संवाद का बड़ा केंद्र है। हमारी सरकार आने वाले समय में राज्य के नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन की तर्ज पर केंद्र खोलेगी जिनसे हमें भगवान कृष्ण के अलग-अलग पक्षों पर चर्चा-परिचर्चा का अवसर मिलेगा।” उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावित केंद्रों के लिए नगरीय निकायों को राज्य सरकार द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
