भाजपा में संगठनात्मक बदलाव, चार राज्यों के अध्यक्ष बदले, कांग्रेस से आए सुनील जाखड़ को पंजाब की कमानबीजेपी ने आगामी चुनाव को देखते हुए कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों को बदला है। पार्टी ने जिन राज्यों में पार्टी अध्यक्षों को बदला है। उनमें तेलंगाना झारखंड आंध्र प्रदेश और पंजाब राज्य शामिल हैं। बता दें कि बीजेपी ने बाबूलाल मरांडी को झारखंड का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा पंजाब का प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी को तेलंगाना में भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया है।
भाजपा में संगठनात्मक बदलाव, चार राज्यों के अध्यक्ष बदले, कांग्रेस से आए सुनील जाखड़ को पंजाब की कमानBJP ने बदले कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष, सुनील जाखड़ को पंजाब तो बाबूलाल मरांडी को मिली झारखंड की कमाननई दिल्ली, अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा में सांगठनिक फेरबदल का सिलसिला शुरू हो गया है। मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस से आए सुनील जाखड़ को पंजाब तो घर वापसी करने वाले बाबूलाल मरांडी को झारखंड का अध्यक्ष नियुक्त किया।
वहीं, विधानसभा चुनावों के पहले संगठन में खींचतान को रोकने के लिए केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को तेलंगाना का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भेजा गया है।केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेजरेड्डी को तेलंगाना भेजे जाने के साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल्द ही फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। आंध्र प्रदेश में एनडीए के पुराने सहयोगी चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी की वापसी की अटकलों के बीच भाजपा ने डी. पुरंदेश्वरी को राज्य का अध्यक्ष बनाकर भेजा है।
वह टीडीपी के संस्थापक एनटी रामाराव की बेटी हैं।भाजपा की मौजूदा राष्ट्रीय महासचिव पुरंदेश्वरी को अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने साफ कर दिया है कि गठबंधन की अटकलों के बीच वह आंध्र प्रदेश में सियासी जमीन को मजबूत करने की कोशिश जारी रखेगी। पंजाब में अभी तक अकाली दल की सहयोगी पार्टी की भूमिका निभाती आई भाजपा ने सुनील जाखड़ को अध्यक्ष बनाकर साफ कर दिया है कि वह आम आदमी पार्टी के खिलाफ विपक्ष के स्थान को भरने की कोशिश में जुटी है।
तीन बार विधायक और एक बार सांसद रहे जाखड़ की ग्रामीण और शहरी इलाकों में अच्छी पकड़ मानी जाती है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके जाखड़ की किसान नेता के रूप में भी छवि है। उन पर सिखों के साथ ही अन्य वर्गों के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।मरांडी पर आदिवासियों को भाजपा से जोड़ने की जिम्मेदारीझारखंड के पहले मुख्यमंत्री और पार्टी के पुराने चेहरे पर भाजपा ने अगले चुनाव में दांव लगाने का भरोसा जताया है।
बाबूलाल मरांडी पर झारखंड में आदिवासियों को भाजपा से जोड़ने के साथ ही सभी वर्गों को साधने की चुनौती होगी। मरांडी झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन को चुनावी मैदान में पटकनी दे चुके हैं।2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए भाजपा को चार सीटें दिलाने वाले जी. किशन रेड्डी पर भाजपा ने फिर भरोसा जताया है। केंद्र में उनके मंत्री बनने के बाद संजय बंदी कुमार को पार्टी की कमान सौंपी गई थी।
दक्षिण भारत में कर्नाटक के बाद तेलंगाना दूसरा राज्य है, जहां भाजपा अपने को प्रमुख राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।लेकिन कांग्रेस और बीआरएस से आए नेताओं को समायोजित करने के मुद्दे पर उनके मतभेद की खबरें आ रही थीं। बीआरएस से आए और तेलंगाना के पहले वित्त मंत्री इटेला राजेंद्र को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।