नई दिल्ली: स्वास्थ्य मंत्रालय ने वायु प्रदूषण के बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्यों को जारी की गई एडवाइज़री को अपडेट किया है. एडवाइजरी को काफी विस्तृत किया गया है और स्कूली बच्चों से जुड़े दिशा निर्देश अलग से जारी किए गए हैं. इसमें रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल ना करने, घर के अंदर हवन का आयोजन न करने और यहां तक कि स्कूल के ब्लैक-बोर्ड पर चॉक से न लिखने तक की हिदायतें भी शामिल हैं.
आईसीएमआर के डाटा के अनुसार वर्ष 2019 में भारत में 18% मौतें वायु प्रदूषण के कारण हुईं. इसके साथ ही हरेक व्यक्ति के जीवन के साढे ग्यारह वर्ष कम हो गए हैं. सरकार ने माना है कि अगर प्रदूषण का स्तर ज्यादा है और लंबे समय तक ऐसी जहरीली हवा में रहते हैं तो उन्हें दिल की बीमारी, सांस की बीमारी, ब्रेन और फेफड़ों के कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है.
न करें ये कामसरकार के मुताबिक 5 साल से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, ट्रैफिक जैसे बाहर के कामों में लगे लोगों और पहले से बीमार लोगों पर वायु प्रदूषण का असर बेहद खतरनाक हो सकता है. सरकार ने एडवाइज़री जारी करते हुए कहा है कि प्रदूषण के दौरान रुम फ्रेशनर का प्रयोग ना करें. इससे कमरे में मौजूद ऑक्सीजन खत्म होने लगता है. घर में गीला पोछा लगाएं, इससे हवा में मौजूद धूल बैठ जाती है.इन कामों पर दें ध्यानसरकार की नई गाइडलाइन के मुताबिक आंखों को साफ पानी से धोते रहें. साथ ही गले की हाइजीन के लिए गुनगुना पानी नियमित रूप से पिएं. सुबह और देर शाम सैर के लिए ना निकलें. आग ना जलाएं और पटाखे जलाने से बचें.
हालात बिगड़ने पर करें ये उपाय सरकार की एडवाइजरी के मुताबिक 200 से ज्यादा AQI होने पर रुमाल या कपड़े से मुंह- नाक ढकने से प्रदूषण से राहत नहीं मिलेगी. इसके बजाय लोगों को N-95 या 99 मास्क लगाना चाहिए. ये मास्क भी थोड़ी देर बाहर रहने पर कारगर हो सकते हैं. लंबे वक्त तक इन मास्क को लगाने से कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है.बच्चों के लिए जारी हुई एडवाइजरी स्कूल बोर्ड पर लिखने के लिए चॉक के बजाय मार्कर का इस्तेमाल करें.सीएनजी वाली गाड़ियों में बच्चों को लाने ले जाने का काम करें.जो बच्चे कारों से आते हैं वो कार पूलिंग करें.स्कूल के कमरों में वेंटिलेशन रखें.
आउटडोर एक्टिविटी ना करें.इन निर्देशों पर जरूर दें ध्यानसरकारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक 200 से ऊपर एयर-क्वालिटी होने पर एयर प्यूरीफायर चला सकते हैं. इससे प्रदूषण साफ करने में मदद मिलती है. इसके साथ ही प्रदूषण बढ़ने पर घर में हवन करने से बचें. कार और घर में एसी का इस्तेमाल करें तो recirculate mode पर रखें, जिससे कि अंदर की हवा अंदर ही रहे. प्रदूषण बढ़ने पर अगरबत्ती और मच्छर भगाने की कॉयल भी ना जलाएं.
