रीवा /केंद्र सरकार राज्य सरकार महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने निर्वाचन में महिला सीटो का आरक्षण कर महिलाओं को कर रही प्रोत्साहित निर्वाचित होने के बाद कुछ पति व परिजन महिला अधिकारों का हनन कर पुरूष प्रधान की कुंठित मानसिकता से वर्चस्व दिखा रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आने पर शासन प्रशासन हस्तक्षेप के रोक के बाद भी निर्वाचित महिलाओं के कार्य में हस्ताक्षेप कर स्वयं को सर्वोच्च मान रहे हैं। ऐसा ही एक आडियो देवतालाब ग्राम पंचायत की महिला सरपंच के परिजनों का प्रकाश में आया है जहां उनके पुत्र व पति रोजगाऱत सहायक को धमकाते हुए अस्लील गालियां दी। मामला संज्ञान में आने IAS जिला पंचायत सीईओ स्वप्निल वानखेड़े सरपंच को पद से ही पृथक करने नोटिस जारी किया है।

असंतुष्ट रोजगार सहायक लामबंद हो सुरक्षा,उचित न्याय की पुलिस अधीक्षक सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से माग की है बताते चलें रोजगार सहायक प्रमोद कुमार मिश्रा पंचायत भवन में शासन के आदेशानुसार आम जनता के आयुष्मान कार्ड बना रहे थे। इसी बीच सरपंच पुत्र मोबाइल से अभ्रदतापूर्ण तथा कुछ देर बाद सरपंच पति फोन पर धमकाते हुए गंदी गालियां दी। मामले से संबंधित आडियो वॉयरल हुआ। जिसके बाद पंचायत कर्मचारियों ने 26 अगस्त को रीवा कलेक्टर द्वारा जारी आदेश का हवाला देकर घटना की निंदा की। 12 सितंबर को सीईओ से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई। सरपंच पति और बेटे द्वारा ग्राम रोजगार सहायक को सरेआम गाली देने मारने का ऑडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ।
14 सितंबर को देवतालाब ग्राम पंचायत की महिला सरपंच को नोटिस दिया है। दावा है कि सात दिन के नोटिस में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर पद से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। अन्य ग्राम पंचायतो में भी शिकायते आई हैं वहीं नगर निगम व नगर परिषदों में भी महिलाओं की जगह उनके पति व परिजन पार्षद बने फिर रहे हैं।

