अमेरिकी रक्षा विनिर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी बोइंग ने भारतीय सेना को दिए जाने वाले अपाचे हेलीकॉप्टर का उत्पादन शुरू कर दिया है. बोइंग की ओर से भारत को कुल छह एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर मिलना है. एएच-64 अपाचे की गिनती दुनिया के घातक हेलीकॉप्टरों में होती है. इसकी ताकत का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि यह मिसाइल के साथ-साथ कई उन्नत तकनीक से भी लैस रहते हैं.
बोइंग इंडिया के अध्यक्ष सलील गुप्ते ने कहा कि भारत की रक्षा क्षमताओं का समर्थन करते हुए बोइंग एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने पर बहुत खुश हैं. बोइंग के मेसा केंद्र की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टीना उपाह ने कहा है कि एएच-64ई अभी दुनिया का प्रमुख लड़ाकू हेलीकॉप्टर बना हुआ है.
उन्होंने कहा, एएच-64 की एडवांस तकनीक और शानदार प्रदर्शन, भारतीय सेना की परिचालन तैयारियों और उसकी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा. बता दें कि भारतीय सेना को अपाचे हेलीकॉप्टर की आपूर्ति के लिए 2024 तक समय सीमा तय की गई है.
हालांकि, अभी तक ये नहीं बताया गया है भारतीय सेना को सभी छह हेलीकॉप्टर एक साथ मिलेंगे या फिर एक-एक करके.साल की शुरुआत में डिलीवर किया था फ्यूजलेजइस साल की शुरुआत में टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड (TBAL) ने भारतीय सेना की ओर से ऑर्डर किए गए छह अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए अत्याधुनिक सुविधा से लैस पहला फ्यूजलेज (ढांचा) डिलीवर किया था.
इस दौरान बोइंग इंडिया के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने कहा था कि हम भारत की रक्षा क्षमताओं का समर्थन करने के लिए बोइंग की सराहना करते हैं. उन्होंने इसे मील का पत्थर बताया था.नाइवज विजन सेंसर से लेकर मिसाइल तकअब इस अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की खासियत की बात करें तो यह दुनिया की उन्नत तकनीक से लैस होने के साथ-साथ इसमें नाइट विजन सेंसर, जीपीएस गाइडेंस और रायफल की भी सुविधा रहती है.
इसके अलावा यह हेलीकॉप्टर दुश्मन की किलेबंदी को भेदकर उसकी सीमा में घुसकर हमला करने में सक्षम है. इसके रायफल से एक बार में 1200 गोलियों की लोडिंग हो सकती है. इसके साथ-साथ यह एंटी टैंक मिसाइल से भी लैस होता है.
