नई दिल्ली:- बायोफार्मास्युटिकल फर्म बायोकॉन लिमिटेड ने यूनाइटेड किंगडम (यूके) में अपने ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1 (जीएलपी-1) एनालॉग, लिराग्लूटाइड को लॉन्च करने की घोषणा की है. बता दें, इस दवा का इस्तेमाल डायबिटीज और वजन घटाने के लिए किया जाता है. यह दवा, कम कैलोरी वाले आहार और ज्यादा शारीरिक गतिविधि के साथ इस्तेमाल की जाती है. इस दवा को डायबिटीज के लिए लिराग्लूटाइड बायोकॉन और मोटापे के लिए बायोलाइड ब्रांड नामों के तहत बेचा जाएगा. यह लॉन्च यूके की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (MHRA) की मंजूरी के बाद हुआ है, जिससे बायोकॉन एक प्रमुख विनियमित बाजार में लिराग्लूटाइड के लिए स्वीकृति प्राप्त करने वाली पहली जेनेरिक कंपनी बन गई है.
बायोकॉन लिमिटेड के सीईओ और एमडी सिद्धार्थ मित्तल ने कहा कि यूके में हमारे जीलिराग्लूटाइड का लॉन्च डायबिटीज और मोटापे के किफायती उपचार को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. हमारा ध्यान अन्य यूरोपीय बाजारों, अमेरिका और MoW के चुनिंदा भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार करने पर है, साथ ही हमारी GLP-1 पाइपलाइन को मजबूत करना है. जीएलपी-1 थेरेपी के साथ भविष्य में विकास को गति देने के साथ, बायोकॉन अभिनव बायोफार्मास्युटिकल समाधानों में अपने नेतृत्व को मजबूत कर रहा है. कंपनी की मजबूत वैज्ञानिक और विनिर्माण विशेषज्ञता दुनिया भर के रोगियों के लिए हाई क्वालिटी वाले, लागत प्रभावी उपचार सुनिश्चित करती है.
इस दवा की खास बातें:
ग्लूकागन-जैसे पेप्टाइड-1 ऐसी दवाएं हैं जो ब्लड शुगर के स्तर को कम करने और वजन घटाने में मदद करती हैं.
लिराग्लूटाइड जीएलपी-1 पेप्टाइड का सिंथेटिक एनालॉग है और इसे प्रतिदिन एक बार इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है.
यह दवा ग्लाइसेमिक नियंत्रण को बेहतर बनाने में भी मदद करती है.
बायोकॉन के बारे में.
बता दें, बायोकॉन एक भारतीय बायोफार्मास्युटिकल कंपनी है. इसकी स्थापना किरण मजूमदार-शॉ ने साल 1978 में की थी. यह कंपनी बेंगलुरु में स्थित है. बायोकॉन, दुनिया भर में बायोफार्मास्युटिकल उत्पाद बनाती है और अनुसंधान सेवाएं देती है.