तेहरान, 6 मार्च। ईरानी विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) द्वारा तेहरान के प्रति एक स्वतंत्र, पेशेवर और निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक श्री अब्दुल्लाहियन ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी के साथ एक बैठक के दौरान एजेंसी के साथ संबंधों को मजबूत करने और परमाणु सुविधाओं के निरीक्षण एवं निगरानी से परे क्षेत्रों में शांतिपूर्ण परमाणु उद्योग को लेकर सहयोग प्रगाढ़ करने के महत्व पर जोर दिया।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आईएईए और ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) के बीच सहयोग को सकारात्मक और सफल बताया।
एईओआई के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी के साथ मीडिया से बात करते हुए श्री ग्रॉसी ने कहा कि उन्होंने कुछ विशिष्ट मुद्दों के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने का प्रयास करने का फैसला किया है, जिन्हें हल करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, “वियना वार्ता और ईरान-आईएईए सहयोग एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर ईरान और आईएईए सुरक्षा उपायों के मुद्दों पर सहमत नहीं होते हैं, तो वियना में किसी भी समझौते पर पहुंचना मुश्किल होगा।”
ईरान और वर्ष 2015 के परमाणु समझौते में शामिल शेष सभी पक्ष वर्तमान में समझौते के पुनरुद्धार पर विवादों को निपटाने के लिए वियना में बातचीत करने वाले हैं।
गौरतलब है कि ईरान ने जुलाई 2015 में विश्व शक्तियों के साथ संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) पर हस्ताक्षर किए।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई 2018 में समझौते से हाथ खींच लिया और ईरान पर एकतरफा प्रतिबंध लगा दिए, जिसके बाद ईरान ने अपनी कुछ परमाणु प्रतिबद्धताओं को छोड़ने और अपने रुके हुए परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का फैसला किया।