नई दिल्ली:– शादी ज़िंदगी का सबसे बड़ा फ़ैसला है। इसीलिए जिस इंसान के साथ पूरी ज़िंदगी गुज़ारनी है उसका चुनाव करने में कई साल भी लग जाते हैं। अगर अच्छा जीवनसाथी मिल भी जाए तो ऐसा ज़रूरी नहीं कि आज उसके साथ जैसी ज़िंदगी है, दस-बीस साल बाद भी वैसी ही रहे। समय के साथ-साथ परिस्थितियां बदलती हैं, लोग बदल जाते हैं, जिसका असर ज़िंदगी पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में आपका मज़बूत होना बहुत ज़रूरी है ताकि आप हर दशा का सामना कर सकें। और ऐसा फौरन नहीं हो सकता, इसकी तैयारी आपको शादी से पहले करनी होगी। शादी से पहले हर युवती को छोटे-छोटे निवेशों से अपना वित्तीय पक्ष मज़बूत करना चाहिए। अगर भविष्य में आपको वित्तीय परेशानी का सामना करना पड़े तो कल का किया हुआ निवेश आपका आज मज़बूत करेगा। अपने वित्त पर नियंत्रण होने से आपको आर्थिक मामलों में बेहतर स्पष्टता और दृश्यता मिलेगी।
हर सूरत में साथ देगी वित्तीय तैयारी
वित्तीय आत्मनिर्भरता से आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप किसी भी परिस्थिति से निपटने में स्वयं को सक्षम महसूस करेंगी। आप अपनी इच्छानुसार कॅरियर चुन सकती हैं, पढ़ाई-लिखाई से लेकर अपनी ज़रूरतों को ख़ुद पूरा कर सकती हैं।
घरों की बढ़ती क़ीमतों, लोन की ईएमआई और बच्चों की पढ़ाई पर ख़र्च निरंतर बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह ज़रूरी है कि पति-पत्नी दोनों ही अपने आर्थिक संसाधनों को बढ़ाते रहें। वित्तीय आत्मनिर्भरता से रिश्तों में समानता बढ़ती है।
यदि आप वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हैं, तो पुरुष की नौकरी जाने, उससे अलग होने, दुर्घटना अथवा मृत्यु जैसी परिस्थितियों में भी आप ख़ुद को संभाल सकती हैं। ज़िंदगी गुज़ारने के लिए दूसरों पर आश्रित नहीं होना पड़ेगा।
योजनाएं, जो वित्तीय स्थिरता में मदद करेंगी…
बचत खाता खोलें
हर व्यक्ति के पास उसका अपना एक बैंक खाता तो होना ही चाहिए। भले ही आप फिलहाल कमाई ना कर रही हों, फिर भी कुछ बचत के पैसे इस खाते में जमा कर सकती हैं। अगर सैलरी अकाउंट है तो उसके बावजूद एक बचत खाता अलग होना चाहिए।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड
पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक सरकारी योजना है। न्यूनतम 500 रुपये से आप अपना खाता खोल सकती हैं। बैंक और डाकघर में यह खाता खोला जा सकता है। पीपीएफ की परिपक्वता अवधि 15 वर्ष है, जिसे बढ़ाया भी जा सकता है। पीपीएफ में ब्याज दर अभी 7.10 फ़ीसदी है। वर्ष में न्यूनतम एक बार निवेश करना अनिवार्य है।
एक्सचेंज ट्रेडेड फंड
परम्परागत निवेश योजनाओं से हटकर ईटीएफ एक अच्छा वित्तीय स्रोत है। आज सेंसेक्स और निफ्टी इंडेक्स के अतिरिक्त सोने-चांदी आदि के भी ईटीएफ उपलब्ध हैं, जिन्हें किसी शेयर की तरह ही स्टॉक मार्केट से ख़रीदा और बेचा जा सकता है। इन्हें ख़रीदने के लिए ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होगा। इसमें एनएसई पर उपलब्ध गोल्ड ईटीएफ के यूनिट आप ख़रीद सकती हैं।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना
यह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना है। 18 से 70 वर्ष तक की आयु के दौरान आप इस योजना से जुड़ सकती हैं। मात्र 20 रुपये के भुगतान पर आप 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा प्राप्त कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना
यह योजना केवल 436 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा प्रदान करती है। 18 से 50 वर्ष की आयु के दौरान आप अपने बैंक के माध्यम से इस योजना से जुड़ सकती हैं।
नेशनल पेंशन सिस्टम
यह योजना पेंशन रेग्युलेटर की ओर से फंड मैनेजर संचालित करते हैं। इस समय देश में 10 फंड मैनेजर कार्यरत हैं, जिनमें किसी के पास आप अपना पेंशन खाता खोल सकती हैं। 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर आप अपनी जमा राशि का 60 फ़ीसदी निकाल सकती हैं, जो करमुक्त है। शेष 40 फ़ीसदी राशि आप पेंशन योजना में जोड़ सकती हैं।
म्यूचुअल फंड की रिटायरमेंट स्कीम
लगभग सभी म्यूचुअल फंड कंपनियों की रिटायरमेंट स्कीम उपलब्ध हैं, जिनमें आप अपनी कमाई के दिनों में निवेश कर वृद्धावस्था में पेंशन प्राप्त कर सकती हैं।
गर आगे बढ़ना चाहती हैं
अगर आप गृहिणी हैं और आय चाहती हैं तो प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ सकती हैं। यदि आपके पास ऐसा कौशल है जिससे आपको लगता है कि आप अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं और आय का ज़रिया बना सकती हैं तो रुचि के अनुसार कौशल विकास योजना की मदद ले सकती हैं। कुटीर और लघु उद्योग के लिए आप बैंक से ऋण प्राप्त कर सकती हैं। आपके पास बैंक को ज़मानत देने के लिए कुछ नहीं है, तब भी आप क्रेडिट गारंटी स्कीम के अंतर्गत मामूली फीस का भुगतान कर ऋण प्राप्त कर सकती हैं।
