रायपुर। राजधानी समेत संभाग के प्रमुख जिलों के शिक्षकों की समस्या सुनने के लिए लगातार शिविर लगाए जा रहे हैं। एक तरफ शिक्षकों की समस्या तो दूसरी तरफ बच्चों की स्कूल में स्थिति का आकलन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक जेपी रथ ने शहर के प्राइमरी और हाईस्कूल खम्हारडीह का निरीक्षण किया।
इस दौरान प्राइमरी के बच्चों को जेपी रथ ने चाक लेकर ब्लेकबोर्ड पर पढ़ाया भी। उन्होंने शिक्षकों, प्रधानपाठकों और प्राचार्यों को बच्चों के शैक्षणिक स्तर पर जोर देने का निर्देश दिया। बता दें कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती दो अक्टूबर से रायपुर शिक्षा संभाग में पहली बार शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए ‘संवर्धन” शिविर का आयोजन शुरू किया गया है।
इन समस्याओं का हो रहा निराकरण
संवर्धन शिविर में शिक्षकों से संबंधित एरियर राशि का भुगतान, क्रमोन्नात वेतनमान, समयमान वेतनमान निर्धारण, कोष लेखा एवं पेंशन की टीप का अनुपालन (सेवा पुस्तिका में), अधिक भुगतान की वसूल सुनिश्चितीकरण, जीपीएफ (एडवांस, पार्ट फायनल) आवेदन पत्र का निराकरण, बिना अनुमति, सूचना के तथा दीर्घावधि तक अनुपस्थित कर्मचारियों का अवकाश निराकरण, सेवा पुस्तिका का अद्यतीकरण-समस्त प्रविष्टियां, उच्च परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने विभागीय अनुमति, मकान-जमीन-वाहन क्रय करने की विभागीय अनुमति, अर्जित अवकाश, चिकित्सा अवकाश, संतान पालन अवकाश आदि की स्वीकृति एवं प्रविष्टि, वेतन नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, एनपीएस जमा राशि (एलबी के रूप में संविलियन के पूर्व) के लिए पत्राचार, पंचायत, नगरीय निकाय-वेतन निर्धारण एवं अन्य एरियर्स भुगतान की स्थिति व आवेदन, लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण, कोरोनाकाल में मृतकों के स्वत्व-भुगतान, अर्जित अवकाश, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, एनपीएस, अनुकंपा नियुक्ति आदि प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है।
24 विकासखंडों में सुनना है शिक्षकों की समस्या
संयुक्त संचालक जेपी रथ ने बताया कि शिक्षकों की समस्या सुनने के लिए शेड्यूल बनाया गया है। इसके तहत 24 विकासखंडों में शिविर लगेगा। यह आयोजन शासकीय अवकाश के दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा रहा है। प्रथम चरण में रायपुर संभाग में पहला शिविर गरियाबंद जिले के विकासखंड देवभोग में दो अक्टूबर को आयोजित किया गया था। इसके बाद बागबाहरा में नौ अक्टूबर, धमतरी के नगरी में 24 अक्टूबर को शिविर लगा था। आने वाले समय में कसडोल में 31 अक्टूबर और रायपुर के तिल्दा में सात नवंबर को शिविर आयोजित किया जाएगा।