नई दिल्ली:- हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े नोट कांड को लेकर पूरे देश में हो-हल्ला है. देश की कई पॉलिटिकल पार्टी उन्हें पद से हटाने की मांग कर चुकी हैं. इसी बीच नोट कांड के आठ दिन बाद यानी आज रविवार को उनके दिल्ली स्थित अवास के बाहर जले हुए नोट न्यूज18 इंडिया की टीम ने बरामद किए. घर में आग लगने के बाद फायर डिपार्टमेंट की टीम ने अंदर जले हुए नोटों की गड्डियां बरामद की थी. आज न्यूज18 की टीम जब जज साहब के घर के बाहर पहुंची तो वहां आधे जले में नोट के टुकड़े मिले. मामला जैसे ही टीवी पर आया दिल्ली पुलिस की टीम भी वहां पहुंची और नोट को कब्जे में ले लिया.
जस्टिस सशवंत वर्मा ने दी सफाई
जस्टिस यशवंत वर्मा ने खुद इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें नहीं पता कि यह नकदी उनके घर कैसे पहुंची और यह उनका पैसा नहीं है. उन्होंने इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया. दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इसकी गहराई से जांच जरूरी है. अब यह विवाद काफी बढ़ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार रात कुछ दस्तावेज जारी किए और जस्टिस वर्मा के घर से कथित तौर पर मिले जले हुए नकदी का एक वीडियो भी साझा किया.
‘मैंने नकदी नहीं रखी’
जस्टिस वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने कहा, “मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि न तो मेरे द्वारा और न ही मेरे परिवार के किसी सदस्य ने उस स्टोररूम में कभी नकदी रखी. उनका मानना है कि यह उनके खिलाफ एक सुनियोजित साजिश हो सकती है. पहली बार इस मामले में उनकी प्रतिक्रिया सार्वजनिक हुई है. जस्टिस वर्मा ने कहा, यह सोचना कि हमने उस कमरे में नकदी रखी होगी, बिल्कुल हास्यास्पद है.
फायर डिपार्टमेंट की सफाई
उधर, दिल्ली फायर सर्विस के चीफ अतुल गर्ग ने को उन खबरों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने कहा है कि दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर में आग बुझाने के दौरान कोई नकदी नहीं मिली. गर्ग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की, क्योंकि कुछ मीडिया हाउस और एक समाचार एजेंसी ने उनके हवाले से कहा था कि अग्निशमन कर्मियों को आग बुझाते समय कोई नकदी नहीं दिखी.
