बीजापुर:- कर्रेगुट्टा नक्सल ऑपरेशन में माओवादियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. जवानों ने मुठभेड़ में एक दिन के भीतर 22 नक्सलियों को ढेर कर दिया था. मुठभेड़ की सफलता को लेकर सीएम ने भी जवानों को बधाई दी थी. डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भी कहा था कि हम जल्द ही माओवाद को समाप्त करने में सफल होंगे. लेकिन अब कर्रेगुट्टा नक्सल ऑपरेशन और उसमें मारे गए 22 नक्सलियों को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े कर दिए हैं.
नक्सलियों की पहचान पर सवाल: बीजापुर से कांग्रेस विधायक विक्रम शाह मंडावी ने पूछा है कि जब एनकाउंटर में 22 नक्सली मारे गए तो उनमें से सिर्फ 11 की ही पहचान अबतक क्यों हुई. बाकि मारे गए 11 माओादियों की पहचान क्यों नहीं की जा रही है. शिनाख्तगी में हो रही देरी पर कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने शासन से सवाल पूछा है. पुलिस विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पूर्व में ये बताया जा चुका है कि उसने 11 मारे गए माओवादियों की पहचान कर ली है जबकि 11 की बाकी है.
तेलंगाना और बीजापुर का बॉर्डर एरिया में हुई थी मुठभेड़: तेलंगाना और बीजापुर के बॉर्डर एरिया कर्रेगुट्टा के पहाड़ पर कई दिनों तक मुठभेड़ चली. लंबी चली मुठभेड़ में कई माओवादी भी मारे गए. नक्सलियों के लगाए आईईडी की चपेट में आने से कई जवान भी जख्मी हुए. कर्रेगुट्टा के पहाड़ पर नक्सली नहीं चढ़ पाएं इसके लिए माओवादियों ने पहाड़ के ऊपर आने जाने वाले सभी रास्तों पर बम प्लांट कर दिए थे. इसके बावजूद जवानों ने पहाड़ पर कब्जा किया और वहां पर तिरंगा झंडा लहराया.
विधायक की मांग: कांग्रेस विधायक विक्रम शाह मंडावी का कहना है कि मुठभेड़ में मारे गए लोग नक्सली थे या फिर ग्रामीण ये बताना चाहिए. इतने दिनों बाद भी 11शवों की शिनाख्त नहीं होना कई सवाल खड़े करता है. कांग्रेस विधायक विक्रम शाह मंडावी ने राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. कर्रेगुट्टा नक्सल ऑपरेशन के दौरान मारे गए 22 नक्सलियों के बारे में कुछ और जानकारी पुलिस की ओर से कल दी जा सकती है.