रायपुर :- छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा को बलि का बकरा बताया है, इतना ही नहीं अरुण साव ने पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अवैध धर्मांतरण को खुली छूट देने का भी आरोप लगाया.अरुण साव के मुताबिक कांग्रेस योग और सनातन के प्रति नफरत रखने वाली पार्टी है. डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि जो कवासी लखमा के साथ हुआ है, कांग्रेस ने कैसे उन्हें बलि का बकरा और मोहरा बनाया और सैकड़ों करोड़ का घोटाला किया है. ये बताता है कि किस प्रकार का काम उन्होंने किया है.
धर्मांतरण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा : वहीं धर्मातरण के मामले को लेकर भी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर अरुण साव ने जोरदार हमला बोला है. अरुण साव ने कहा कि प्रदेश में जब 5 साल कांग्रेस की सरकार थी, एक भी कार्रवाई धर्मांतरण के मामले को लेकर नहीं की गई.आज ये धर्मांतरण करते हुए पकड़े जा रहे हैं, उन पर कार्रवाई हो रही है.
सनातनी धर्म के विरोधी हैं कांग्रेसी नेता : इतना ही नहीं अरुण साव ने कांग्रेस को योग और सनातन के प्रति नफरत रखने वाला बताया है.अरुण साव ने कहा कि बोरे बासी का मामला विधानसभा में सामने आया था, जिस पर विधायक की कमेटी से मामले की जांच करने का निर्णय हुआ है. वहीं इनके द्वारा योग को फिजूल खर्ची बताना, इनकी मानसिकता को दर्शाता है. योग को लेकर कोई फिजूल खर्ची नहीं हुई है. योग और सनातन के प्रति जो उनकी नफरत है, वह अब उभरकर सामने आई है.
पूर्व मंत्री कवासी लखमा जेल में हैं बंद : आपको बता दें कि पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को शराब घोटाला मामले में ईडी ने 15 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था. साथ ही शराब घोटाले के केस में ईओडब्ल्यू ने केस भी दर्ज किया था. कवासी लखमा तब से जेल में बंद हैं. इस बीच ईडी ने कवासी लखमा के खिलाफ चार्जशीट भी पेश की है. हाल ही में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती.