नई दिल्ली:- यह बात तो हम सभी जानते हैं कि मनुष्य जैसे कर्म करता है उसे उसी तरह का फल मिलता है। इस बात के पीछे कई सारी कहावत प्रचलित है जिनमें से एक यह भी है कि जैसा बोओगे, वैसा काटोगे। कहीं ना कहीं यह बात सच भी है क्योंकि मनुष्य के कर्म ही उसकी नियति को निर्धारित करने का काम करते हैं। इस बात उल्लेख ज्योतिष और धर्म शास्त्रों में भी मिलता है।
हिंदू धर्म में वैसे भी ज्योतिष को काफी महत्व दिया गया है। हम जो भी काम करते हैं वह ज्योतिष की दृष्टि से करते हैं ताकि हमें शुभ परिणाम की प्राप्ति हो सके। ज्योतिष में कुछ जरूरी नियम भी बताए गए हैं। अगर इन नियमों का पालन ठीक ढंग से किया जाए तो जीवन में धन-दौलत और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
अपनी रोजमर्रा के दिनचर्या में हम सभी अलग-अलग तरह के काम करते हैं। हम में से हर एक व्यक्ति के दिनचर्या अलग होती है। इस दिनचर्या के दौरान हम कुछ ऐसे काम करते हैं जो जाने अनजाने में हमें नुकसान पहुंचा सकते हैं। खाना हम सब की शेड्यूल का एक हिस्सा है। अगर इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रख लिया जाए तो हमारे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। चलिए आपको इन्हीं ज्योतिषी नियमों के बारे में बताते हैं।
दिशा का रखें ध्यान
ज्योतिष के मुताबिक खाना खाते समय दिशा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर हम सही दिशा की ओर मुख करके खाना खाते हैं तो हमारी सेहत भी अच्छी होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं अगर हम गलत दिशा की ओर मुंह करके भोजन करते हैं तो जीवन में विपत्तियां आ सकती है।
पूर्व और उत्तर पूर्व
खाना खाने के लिए पूर्व या उत्तर पूर्व दिशा शुभ मानी गई है। जो व्यक्ति इस दिशा में मुंह कर के खाना खाता है। उस पर माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। उसका जीवन हमेशा धन धान्य से भरा रहता है।
पश्चिम
पश्चिम दिशा में मुख कर के भोजन करना शुभ नहीं माना गया है। ऐसा करने से व्यक्ति का कर्ज बढ़ता है। हालांकि, जो लोग अपना करियर बनाने की कोशिश में हैं, उनके लिए ये शुभ है।
दक्षिण दिशा
दक्षिण दिशा में मुख कर के भोजन करने से व्यक्ति को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। ये दिशा भोजन के लिए शुभ नहीं मानी गई है। इस दिशा में मुख कर के भोजन करने से बीमारियां बढ़ती है और व्यक्ति की आयु घटती है। ये जीवन में नकारात्मकता लाने का काम करती है।
इन नियमों का रखें ध्यान
व्यक्ति को कभी भी बिस्तर पर बैठकर भोजन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से माता लक्ष्मी रुष्ठ होती है। व्यक्ति की गरीबी और कर्ज बढ़ने लगता है।
टूटे बर्तन में खाना शुभ नहीं माना गया है। जो लोग टूटे बर्तनों में खाना खाते हैं, वो हमेशा गरीबी से घिरे रहते हैं।
