ज्योतिष:- अगर सूर्य कुंडली के दसवें भाव में है, तो व्यक्ति की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है. बिजनेस में भी स्थिति काफी बेहतर होती है. इस भाव में सूर्य काफी अनुकूल परिणाम देते हैं. वैदिक ज्योतिष के मुताबिक दसवें भाव को कर्म भाव के तौर पर जाना जाता है. ये आपके कार्य और पेशे से संबंधित होता है. आपके अपने बिजनेस या पेशे में कितनी सफलता मिलेगी, दसवां भाव इसके बारे में भी बताता है. इस भाव में सूर्य काफी बेहतर प्रभाव देते हैं. व्यक्ति की आर्थिक स्थिति काफी बेहतर होती है.
दसवें भाव में सूर्य के प्रभाव से व्यक्ति को काफी सफलता मिलती है. ये लोगअपने लिए बेहतर करने का प्रयास करते हैं. ये हमेशा ऊंचे लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं. सूर्य के प्रभाव से व्यक्ति की नेतृत्व और प्रबंधकीय क्षमता बेहतर होती है. ऐसा व्यक्ति काफी व्यवहारकुशल होगा.
दसवें भाव में सूर्य के प्रभाव से व्यक्ति में अहं भी हो सकता है और इन्हें अपने अहं को दूर करने का प्रयास करना चाहिए. आपका अहं आपके बिजनेस और आपके रास्ते में न आएं, इसका ध्यान रखें, क्योंकि अहं के कारण आपकी सफलता की मार्ग में बाधा उत्पन्न हो सकती है. व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार भी आ सकते हैं.
दसवें भाव में सूर्य के प्रभाव से व्यक्ति में अहं भी हो सकता है और इन्हें अपने अहं को दूर करने का प्रयास करना चाहिए. आपका अहं आपके बिजनेस और आपके रास्ते में न आएं, इसका ध्यान रखें, क्योंकि अहं के कारण आपकी सफलता की मार्ग में बाधा उत्पन्न हो सकती है. व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार भी आ सकते हैं.
दसवां भाव नौकरी का भी प्रतिनिधित्व करता है. आपको नौकरी मिल सकती है. ये अपने परिवार के सदस्यों का भी खास ध्यान रखते हैं. अपनी संतान के साथ भी इनकी बेहतर बॉन्डिंग हो सकती है. ऐसे लोग काफी बुद्धिमान होंगे।
