
बिलासपुर। पुलिस के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में हुए मादक पदार्थ “गांजा”नष्टीकरण के दौरान तौल में कम गांजा का मामला अब तूल पकड़ रहा है। आपको बता दें कि जिले के एक थाना से नष्टीकरण के लिए आया गांजा वजन में 45 किलो कम मिलने से पुलिस महकमे में हड़कम्प मचा हुआ है,दूसरी ओर सवाल खड़े हो रहें हैं कि क्या पुलिस के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में एक थाना प्रभारी द्वारा इतनी बड़ी लापरवाही क्षम्य है।
आपको बता दे कुछ दिनों पहले रेंज स्तरीय गांजा नष्टीकरण का कार्यक्रम सिलपहरी के एक फैक्ट्री में रखा गया था,जहां पर आईजी रतन लाल डांगी, एसएसपी दीपक झा,जांजगीर एसपी प्रशान्त ठाकुर समेत अन्य पुलिस के आला अधिकारी समेत पुलिस कर्मचारी शामिल रहे,जिनके सामने गांजा को तौला गया।
इसी बीच बारीकी से जांच करने वाले एसएसपी दीपक झा की नजर एक थाना प्रभारी के गांजा के आंकड़ों पर पड़ी और बारीकी से निरीक्षण करने पर जब मिलान किया गया तो उन्होंने तुरंत ही पकड़ लिया की एक थाने से 45 किलो गांजा वजन में कम है,एसएसपी ने फौरन सम्बन्धित थाना प्रभारी को तलब किया और 45 किलो गांजा कम होने पर नाराजगी जताई,एसएसपी ने उसी दौरान कहा की आपको सजा मिलेगी!
पुलिस के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में ऐसी लापरवाही के होने से आसपास खड़े सभी अधीनस्थ पुलिस कर्मचारियों के भी होश उड़ गए,हालांकि विभागीय सूत्र का कहना है कि उसी समय सम्बन्धित थाना प्रभारी ने “सॉरी सर” जैसे शब्दों का उपयोग किया,लेकिन एसएसपी के सामने नही चली….
आपको बता दे कि जहां एक तरफ गांजा फैक्ट्री में जलकर राख हो रहा था वही पुलिस के बीच चर्चा होती रही कि आखिर गांजा की मात्रा इतना कम कैसे हो सकती है…..ये कहा जा सकता है कि चूहा खा गया,दीमक लग गया और तो और खराब भी हो सकता है लेकिन 45 किलो की मात्रा नही बल्कि 2-4 किलो या फिर 10 किलो….जबकि बाकी थाने से आए गांजे का हिसाब किताब ठीक रहा…..
रहा सवाल 45 किलो कम गांजा मिलने का तो हर किसी को मालूम है कि आईजी रतन लाल डाँगी और एसएसपी दीपक झा इतनी बड़ी लापरवाही बर्दाश्त नही करते…..चाहे वह कार्रवाई करने की बात हो या फिर सजा देने की बात हो…..अगर मामला सही है तब तो कार्यवाही तय है। यही वजह है कि 5 दिन बाद थाना प्रभारी को नोटिस तामील कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिसमें उन्हें मोहलत भी दी गई है।
बहरहाल देखने वाली बात होगी कि इस मामले में थाना प्रभारी क्या स्पष्टीकरण देते हैं और अधिकारी स्पष्टीकरण से कितने संतुष्ट होते हैं। क्या थाना प्रभारी गांजा नष्टीकरण के दौरान 45 किलो वजन में कम मिले गांजा का स्पष्टीकरण देकर कार्यवाही से बच सकते हैं या फिर उन पर कार्यवाही तय है यह भविष्य की गर्त में है।