कोरबा :–मजदूर एकता जिंदाबाद की गगन भेजी नारे लगाते हुए नारे लगाते हुए रैली निकला गया्
यह रैली एटक यूनियन कार्यालय में समाप्त हुई पश्चात सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ राज्य एटक के महासचिव कॉमरेड हरिनाथ सिंह ने सर्वप्रथम एटक का झंडा तोलन किया उसके पश्चात उन्होंने साथियों को मजदूर दिवस की बधाई दी मजदूर दिवस क्यों मनाया जाता है और उसके महत्व को बताते हुए अपने संदेश में कहा कि मजदूर दिवस के महत्व को समझने के लिए हमें औद्योगिक क्रांति को समझना होगा औद्योगिक क्रांति 18वीं शताब्दी के अंत और 19वीं शताब्दी के प्रारंभ में कुछ पश्चिमी देशों के तकनीकी सामाजिक आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति में काफी बदलाव आया ,इसे ही औद्योगिक क्रांति के नाम से जाना जाता है यह क्रांति प्रारंभ होकर पूरे विश्व में फैल गया सन 1844 का औद्योगिक क्रांति का सूत्र उद्योगों की मशीनीकरण के साथ आरंभ हुआ उस समय वस्त्र उद्योग ही सबसे प्रमुख कारण था औद्योगिक क्रांति का, बाद में लोहा, कोयला और अन्य खनिज की शक्ति भी सम्मिलित हुई उस समय मजदूरों से 18 से 20 घंटा या सूर्योदय से सूर्यास्त तक काम कराया जाता था
सन 1886 में अमेरिका के शिकागो शहर में मजदूर अपने 8 घंटे काम के, 8 घंटे आराम के और 8, घंटे परिवार के लिए, समय की मांग के लिए तीन दिन हड़ताल किये, इस हड़ताल में हजारों मजदूर शामिल हुए तभी कारखानो के मालिकों द्वारा सैनिकों का सहारा लेते हुए आंदोलन में शामिल मजदूरों पर अंधाधुंध गोलियां चलने लगे इसके कारण बड़ी संख्या में मजदूर शहीद हो गए और घायल हो गए इस बार्बरता पूर्ण घटना से दुनिया भर के मजदूर आहत हुये यह घटना इतिहास में मजदूरों को जागरूक व संगठित होने में सहायक सिद्ध हुए, जिसके फलस्वरूप मजदूर क्रांति संसार भर में फैली, जिससे 8 घंटे काम के, 8 घंटे आराम के, और 8 घंटे परिवार के लिए पूरे विश्व में कानूनी रूप प्राप्त हुआ ,केंद्र में बैठी सरकार कुछ कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए श्रमिकों के पक्ष में बने 44 श्रम कानून को रद्द कर श्रमिक विरोधी 4 श्रम संहिता लागू करने जा रही है इसके विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियन के मंच के द्वारा 20 मई 2025 को पूरे भारतवर्ष में हड़ताल होने जा रहा है जिसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है और सभी मजदूरों को इस हड़ताल में शामिल होने के लिए के लिए कहा।



महासचिव सुनील सिंह ने श्रमिकों को मजदूर दिवस की बधाई देते हुए कहा कि बालको कारखाना में मजदूरों को जो सुविधा लड़ाई लड़ कर दिलवाया गया वह सब प्रबंधन और कुछ यूनियनों की सांठगांठ से धीरे-धीरे खत्म करते चले जा रही है श्रमिकों व कर्मचारियों के बीच मतभेद किया जा रहा है जो सुविधा हमें मिल रही हैं उसको बचाने के लिए हमें संघर्ष करने की जरूरत है इतना बोलते हुए अंत में शहीदों के लिए 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई उसके पश्चात कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।

