मध्य प्रदेश:– लाडली बहनों को इस बार अप्रैल महीने की किस्त का थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। पहले हर महीने की 10 तारीख को राशि ट्रांसफर होने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार 23वीं किस्त 10 अप्रैल को नहीं आ रही है। प्रदेश में बड़े-बड़े होर्डिंग और प्रचार के बावजूद इस बार मुख्यमंत्री की ओर से राशि ट्रांसफर नहीं की गई। ऐसे में लाडली बहनों के मन में सवाल है कि आखिर इस बार पैसा कब तक आएगा। वहीं सरकार ने यह भी साफ किया है कि
पिछले उदाहरणों पर नजर डालें तो ऐसा पहले भी हो चुका है जब किस्तें तय तारीख से पहले या बाद में आई हैं। कभी धार्मिक त्योहारों, तो कभी चुनावी कार्यक्रमों के चलते भुगतान की तिथि बदली गई है। अब संभावना है कि प्रधानमंत्री या गृहमंत्री के दौरे के दौरान लाडली बहना योजना की राशि ट्रांसफर की जा सकती है।
किस्त में देरी की वजह और संभावित तिथि
इस बार मुख्यमंत्री द्वारा 10 अप्रैल को किस्त ट्रांसफर का कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया है। अब यह संभावना जताई जा रही है कि किस्त 11 अप्रैल को पीएम मोदी के अशोकनगर दौरे के समय ट्रांसफर हो सकती है। अगर उस दिन नहीं आई, तो 12 अप्रैल को हनुमान जयंती या 13 अप्रैल को गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के अवसर पर भी राशि भेजी जा सकती है। इससे पहले भी कई बार किस्तें 10 तारीख से पहले या बाद में दी जा चुकी हैं, जैसे 1 मार्च, 5 अप्रैल, 4 मई और 5 अक्टूबर को।
राशि में बढ़ोतरी या नियमों में बदलाव नहीं
विधानसभा में सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल 1250 की राशि को बढ़ाकर 3000 करने की कोई योजना नहीं है। साथ ही पंजीकरण प्रक्रिया भी 20 अगस्त 2023 से बंद है।
ना ही आयु सीमा में कोई बदलाव किया गया है, यानी यह योजना अब भी 21 से 60 वर्ष की महिलाओं के लिए ही लागू है। वहीं मृतक या वरिष्ठ महिलाओं के नाम योजना से स्वतः ही हटाए जा रहे हैं।
