कोरबा:- छ0ग0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के स्टेट प्लान आफ एक्शन के अनुसार सत्येन्द्र कुमार साहू प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा की गरिमामयी उपस्थिति में 20-फरवरी को सामाजिक न्याय दिवसष्ष् के अवसर महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कोरबा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
सत्येन्द्र कुमार साहू प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि सामाजिक न्याय क्या है सरल शब्दों में कहा जाए तो आपका इंस्टीट्यूट भी सामाजिक न्याय के परिप्रेक्ष्य में बना है, जिसका उद्देश्य है कि छात्रों को आर्थिक रूप से तकनीकी शिक्षा के माध्यम से सक्षम बनाना । हमारे समाज में महिला एवं बालिकाओं के सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये जाने हेतु उनके लिये संस्थान खोला गया है जहां से वे प्रशिक्षण प्राप्त कर समाज में आर्थिक रूप से सक्षम बनकर सम्मान के साथ जीवन यापन कर सकते है। ये सभी सामाजिक व्यवस्था है। मानव अधिकार अंतर्गत अनेकों अधिकार हैं रहने का अधिकार, पढ़ने का अधिकार, बाहर आने-जाने का अधिकार खाने-पीने का अधिकार आदि। महिलाएं एवं बालकों के लिए अधिकार है तो गरीबों के लिए भी अधिकार है। वृद्धजनों के लिए भी अधिकार है। इस प्रकार अधिकारों की श्रृंखला बनी हुई है। हम जितना अधिक अपने अधिकारों को जानते है उतना ही हम सक्षम होते हैं। जब आपको अधिकारों के बारे में ज्यादा जानकारी होगी, तब आप सुरक्षित रहेंगे। अधिकारों की जानकारी के अभाव में न तो आप स्वयं को सुरक्षित नहीं रख सकते हैं और न ही अपने परिवार या दोस्तों को सुरक्षित रख सकते हैं। हम जितना अधिक जानकारी लेते जाते हैं उतनी ही अधिक हमारी विशेषज्ञता बढ़ती है। ऐसा कोई खेल नहीं हैं जिसमें नियम ना हो।
कु0 डिम्पल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबाए जिला कोरबा द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों एवं संरचना के बारे में बताया गया तथा एक्ट के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई।
उक्त कार्यक्रम में कुमुद पाण्डेयए अधीक्षिकाए महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कोरबाए शिक्षक मुमताज कुरैशी,कैलास साहू, बुसरा खलील, सुक्रिता लारिया, मंजू साहू एवं विमल लहरे तथा plv गोपाल चन्द्रा उपस्थित थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा मोर यान अधिनियम के प्रमुख प्रावधानयुक्त नोटपेट का वितरण छात्र-छात्राओं को किया गया।
