
धमतरी/नगरी : श्रृंगी ऋषि पहाड़ में तेंदुए ने एक बच्चें पर हमला किया जिससे बच्चें की मौत हो गई। तेंदुए के आतंक से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। अभी तक तेंदुए ने इस क्षेत्र में 3 बच्चों की जान ले ली है। आपको बता दें कि उड़ीसा के ग्राम थुरुडीह जिला नवरंगपुर उड़ीसा निवासी नरेन्द्र मरकाम अपने बेटे अविनाश मरकाम उम्र 6 साल के साथ श्रृंगी ऋषि बाबा के दर्शन कर नीचे आ रहे थे वें 2 बच्चे को एक साथ हाथ पकड़ कर चल रहे थे।
जिसमें से अविनाश मरकाम उम्र 6 साल पर हनुमान जी की मूर्ति के पास घात लगाए बैठे तेंदुआ ने हमला कर दिया और उठाकर घसीटते हुए काफी दूर ले गया। जब लोगों को पता चला तो सिहावा के युवाओं ने खोजबीन की। वही खून के निशानों को देखते हुए आगे बढ़ते हुए बच्चे तक पहुंचा गया।तुरंत नगरी एसडीओपी को इसकी सूचना मिली वही बच्चे को उन्हीं के गाड़ी में नगरी शासकीय अस्पताल लाया गया। जहां उपस्थित डॉक्टरों ने चेकअप कर बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। जिसके बाद बच्चे के परिजनों का रो – रो कर बुरा हाल हो गया।
वही डीएफओ धमतरी सत्तोविसा समाजदार भी मृतक बालक के परिजनों से मिलने शासकीय अस्पताल नगरी पहुंचे। जहां पर फॉरेस्ट के द्वारा मृतक के पिता को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई। डीएफओ धमतरी ने अपनी तरफ से 10,000 रुपये देने की बात कही। वही तत्काल पिंजरा लगाकर आदमखोर तेंदुए के पकड़ने के लिए आदेशित किया गया। एक कर्मचारी को सस्पेंड करने की भी बात कही गई।
बच्चें की मौत से आक्रोशित लोगों ने सिहावा में किया चक्का जाम
आए दिन हो रहे इस घटना को लेकर सिहावा वासी काफी आक्रोशित नजर आ रहे हैं। वन विभाग के खिलाफ लोगों का कहना है कि यह तीसरी घटना जिसमें 3 बच्चों की जान गई है। स्थानीय लोगों की माने तो घटना के बाद भी देर तक वन विभाग के अमला मौके तक नहीं पहुँच पाए थे. इधर तेंदुआ के हमले से बच्चे के मौत के बाद गुस्साए लोगों ने सिहावा में चक्का जाम किया वें वन विभाग के खिलाफ काफी आक्रोशित है.
बता दे कि इन दिनों इलाके में लगातार तेंदुआ का आतंक है और इसी इलाके में बीते दिनों दो बच्चों की तेंदुआ के हमले से पहले भी मौत हो चुकी है. वहीं बीते कल को भी तेंदुआ ने एक बच्चे पर हमला कर दिया था.
यह घटना नहीं घटती अगर …..
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वन विभाग कल 10 अक्टूबर की जो घटना हुई जिसमें 3 साल के बच्चे के ऊपर तेंदुए ने हमला किया था और तेंदुआ पहाड़ पर आया था। इसकी जानकारी लोगों की थी अगर वन विभाग के कर्मचारी लोगों को सतर्क करते पहले से तो शायद यह घटना नहीं घटती।
धार्मिक स्थलों में आवागमन प्रतिबंधित
एसडीएम नगरी ने इस घटना के बाद तुरंत आदेश जारी किया कि जंगल से लगे जितने भी सिहावा क्षेत्र के धार्मिक स्थलों शाम 5:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक आवागमन प्रतिबंधित रहेगी।