दुर्घटना से देरी भली. यह वाक्य हमने कई बार पढ़ा होगा लेकिन लोग जल्दी में अपनी जान को दांव पर लगाने से बाज नहीं आते. ऐसी ही एक घटना सामने आई है हावड़ा पुरी से जहां मंगलवार को एक यात्री ने अपनी जान की परवाह किए बगैर दौड़ते हुए वंदे भारत ट्रेन के गार्ड केबिन में चढ़ने की कोशिश की. वो फिसल गया और जान दांव पर लग गई, लेकिन ड्यूटी पर तैनात आरपीएफकर्मी ने देवदूत बनकर उसकी जान बचाई है.
वंदे भारत के सारे दरवाजे बंद थे और गार्ड केविन खुला हुआ था, जिसमें चढ़ने की कोशिश के दौरान वह फिसल गया. ये शख्स प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच केबिन में गिरने ही वाला था कि वहां ड्यूटी पर मुस्तैद रेलवे सुरक्षा बल कांस्टेबल ने उसे पकड़ कर बाहर खींच लिया. उसकी जान बाल बाल बची. सुरक्षित बचने के बाद यात्री ने जान बचाने वाले आरपीएफ कर्मी का आभार जताया है.
पहले भी होती रही हैं इस तरह की घटनाएंआपको बता दें कि इस तरह से चलती ट्रेनों में चढ़ने के दौरान लोगों के फिसलने और जान दांव पर लगाने की कई घटनाएं पहले भी प्रकाश में आ चुकी हैं. इससे पहले जून में, एक कांस्टेबल ने तेलंगाना के बेगमपेट रेलवे स्टेशन पर एक महिला यात्री को बचाया था, जो चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान गिर पड़ी थी.एक अन्य घटना में, मार्च में मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर चलती ट्रेन का दरवाजा पकड़कर चढ़ने की कोशिश के दौरान एक व्यक्ति का नियंत्रण खो गया था और वह ट्रेन के साथ घिसटने लगा था. हालांकि वहां ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल सुशील कुमार ने उसे बचा लिया था.
