कवर्धा:- शराब कोचिए गली गली में अवैध तरीके से शराब बेच रहे हैं और सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं. आरोप है कि कोचिए को सरकारी शराब दुकान से ही अवैध तरीके से शराब दी जा रही है. कोचिए इन शराब को जाकर गांव के मोहल्ले में बेच रहे हैं. पकड़े गए आरोपी अर्पित ने बताया कि आरोपी कंपनी का एरिया अपने सेल्समैन और सुपरवाइजरों की मिलीभगत से शराब दुकानों से सीधे कोचियों को देशी शराब महंगे दामों पर सप्लाई कराता है. यही नहीं. जिले के पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के नाम पर शराब पहुंचाने का काम करवाया जा रहा है. पूर्व में राजनांदगांव जिले के छुरिया में आरोपी के ऊपर अवैध शराब बिक्री कराने के आरोप लग चुके है. इसी वजह से उसे जिले से बाहर का रास्ता दिखाया गया.
पुलिस की कार्रवाई से खुलासा: दरअस शहर के ट्रांसपोर्ट नगर में सिटी कोतवाली पुलिस ने दो आरोपी को अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया. दोनों आरोपी कोचियों को शराब सप्लाई कर रहे थे. पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया. हालांकि लगातार पुलिस कोचियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. बरहाल पकड़े गए दोनों आरोपियों को कोर्ट ने बेल दे दिया है.
ठगी का तरीका: आरोप है कि शराब की बोतलों में लगाए गए QR कोड सिर्फ दिखावे की चीज बनकर रह गए हैं. ग्राहक के स्कैन करने के लिए लगाए गए इन कोड्स को खुद सेल्समैन स्कैन नहीं करते. यानि रिकॉर्ड में सब क्लीन, लेकिन धरातल पर कोचिए घर घर शराब पहुंच रही है.
गांव गांव में बर्बादी का धंधा: गांव वालों का आरोप कोचिए की बाढ़ से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग परेशान हैं. शराब की आसान उपलब्धता ने युवाओं को नशे की गर्त में ढकेल दिया है. गांवों का माहौल बिगड़ रहा है और शहरों की गलियों में आधी रात तक धड़ल्ले से शराब बिक रही है.