– जनवरी का महीना खत्म होने वाला है और फरवरी आने वाला है. इस बार फरवरी का महीना 29 दिनों का है और उसमें भी छुट्टियों (Bank Holidays) की भरमार है. अगर आपको फरवरी के महीने में बैंक से जुड़ा कोई काम है, तो इसे समय से निपटा लीजिएगा क्योंकि फरवरी के महीने में बैंकों में सिर्फ 18 दिन ही कामकाज होगा. इस महीने में त्योहार, जयंती और शनिवार-रविवार मिलाकर कुल 11 दिन बैंक बंद रहेंगे. हालांकि ये छुट्टियां अलग-अलग राज्यों में मान्य होंगी. यहां देख लें बैंक हॉलिडे से जुड़ी जानकारी.
फरवरी महीने में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक- 4 फरवरी को रविवार होने के कारण पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 10 फरवरी को दूसरा शनिवार है और 11 फरवरी को रविवार होने के कारण देशभर के बैंक बंद रहेंगे. 10 फरवरी को लोसर का त्योहार भी है, जो गंगटोक में मनाया जाता है.14, 15 और 18 फरवरीबसंत पंचमी का त्योहार भी फरवरी में आएगा, ऐसे में कुछ जगहों पर इस दिन बैंकों में अवकाश रहेगा. इस साल 14 फरवरी को बसंत पंचमी है, ऐसे में पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और उड़ीसा में बैंकों की छुट्टी रहेगी.
इसके अलावा 15 फरवरी को Lui-Ngai-Ni होने के कारण मणिपुर में बैंक बंद रहेंगे और 18 फरवरी को रविवार होने के कारण देशभर के बैंक बंद रहेंगे.19, 20 और 24 फरवरी19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी जयंती है, शिवाजी की महाराष्ट्र में विशेष मान्यता है, ऐसे में इस दिन महाराष्ट्र के बैंकों में अवकाश रहेगा. 20 फरवरी के दिन स्टेट डे के होने के कारण अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में बैंकों की छुट्टी है. 24 फरवरी को चौथा शनिवार होने के कारण बैंकों में छुट्टी रहेगी.25 और 26 फरवरी25 फरवरी को रविवार होने के कारण देशभर के बैंक बंद रहेंगे.
26 फरवरी के दिन Nyokum होने के कारण सिर्फ अरुणाचल प्रदेश के बैंकों की छुट्टी रहेगी. बाकी जगहों पर बैंकों में काम होता रहेगा.बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने को लेकर RBI ने बनाए नए नियम, 1 तारीख से होंगे लागूछुट्टी के बावजूद नहीं होगी परेशानीबता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुताबिक, सभी राज्यों की छुट्टियों की लिस्ट अलग होती है. RBI की ऑफिशियल वेबसाइट पर इन छुट्टियों की पूरी लिस्ट दी होती है, जिसमें राज्यों के हिसाब से अलग त्योहारों छुट्टियों का पूरा ब्यौरा दिया होता है. हालांकि अगर आप बैंक की ऑनलाइन सेवा का इस्तेमाल करते हैं, तो बैंक बंद रहने के बावजूद आपको परेशानी नहीं होगी.
