कोलकाता : एक घंटे की पूछताछ के बाद कमेटी के सवालों को छोड़कर महुआ तमतमाती हुई बाहर निकल गई। उनके साथ एथिक्स कमेटी के पांच सांसदों ने भी बॉयकॉट किया। बॉयकॉट करने वाले अधिकतर सांसद विपक्ष के थे। बीएसपी सांसद दानिश अली, कांग्रेस सांसद नरेंद्र उत्तम रेड्डी और जेडी यू सांसद गिरधारी यादव ने भी महुआ को सपोर्ट किया। बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी के पास लॉगिन पासवर्ड कैसे पहुंचा .से शुरू हुआ सवालों का सिलसिला उनके कॉल रेकॉर्ड तक पहुंचा। उनसे यह भी पूछा गया कि रात में आप किससे बात करती हो? महुआ मोइत्रा ने कहा कि एथिक्स कमेटी की जांच के दौरान उनसे ऐसे पर्सनल सवाल पूछे गए, जिसे चीरहरण कहा जा सकता है। भले ही महुआ चीरहरण बताकर चीख रही हों, मगर तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी इस मसले पर खामोश हैं। अब यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ममता बनर्जी की चुप क्यों हैं.
ममता बोलेंगी तो संवैधानिक संस्थाओं से टकराव तय
महुआ मोइत्रा ने संसद की एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष विनाद कुमार सोनकर पर कैश फॉर क्वेरी मामले में अनर्गल और आपत्तिजनक सवाल पूछने के आरोप लगाए हैं। गुरुवार को जब महुआ ने कमेटी की मीटिंग में ही विरोध किया तो विपक्षी सांसदों ने उनका समर्थन किया। अब इस घटना के 24 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं, मगर टीएमसी की ओर से इस पर कोई बयान नहीं आया है। बंगाल और टीएमसी सांसदों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली ममता बनर्जी ने भी कोई बयान नहीं दिया है। क्या ममता बनर्जी को महुआ का यह अंदाज पसंद नहीं आया? दरअसल एथिक्स कमेटी की चर्चा काफी गोपनीय होती है। कमेटी की जांच के दौरान पूछे गए सवाल भी गोपनीय होते हैं। कमेटी के अध्यक्ष और मेंबर मामले की सुनवाई के बाद अपनी रिपोर्ट सिफारिशों के साथ लोकसभा अध्यक्ष को देते हैं। आखिरी फैसला लोकसभा अध्यक्ष का होता है। महुआ मोइत्रा ने गुस्से में एथिक्स कमेटी के सवालों को सार्वजनिक कर दिया है। बतौर मुख्यमंत्री अगर ममता बनर्जी संसदीय कमेटी की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न उठाती हैं, तो संवैधानिक संस्थाओं का टकराव हो सकता है। एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष विनोद सोनकर पहले ही बयान जारी किया कि कमेटी के सवालों से बचने के लिए महुआ मोइत्रा ने हंगामा किया।
कैश फॉर क्वेरी का मामला गंभीर, ममता भी आरोपों से नाराज
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर सवाल पूछने के आरोप लगाए हैं। चर्चा यह है कि टीएमसी की ओर से दमदार तरीके से संसद में आवाज उठाने वाली महुआ मोइत्रा पर लगे इस आरोप के बाद ममता बनर्जी नाराज हैं। बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी तक महुआ के लॉगिन पासवर्ड पहुंचने के आरोप से यह मामला और गंभीर हो चुका है। ममता बनर्जी इस मामले में वेट एंड वॉच की स्थिति में है। संसदीय कमेटी की जांच के बाद जब इस पर बहस होगी, तब टीएमसी अपना स्टैंड क्लियर कर सकती है। हाल के दिनों में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा कई कारणों से चर्चित रही हैं।
