मणिपुर ।मणिपुर सरकार ने मोबाइल इंटरनेट प्रतिबंध को 4 नवंबर को तीन दिनों के लिए 8 नवंबर, 2023 तक बढ़ाने के लिए घोषणा की है. यह निर्णय क्षेत्र में राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए चल रहे प्रयासों के हिस्से के रूप में लिया गया है. मणिपुर की एन बिरेन सिंह सरकार का कहना है कि मोबाइल इंटरनेट चालू करने पर असामाजिक तत्व ऐसे संदेश, फोटो और वीडियो को प्रसारित कर सकते हैं, जिससे राज्य का माहौल खराब हो सकता है. इसे रोकने के लिए ही प्रतिबंध को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया. इंटरनेट सेवाओं का प्रारंभिक निलंबन 26 सितंबर, 2023 को लागू किया गया था. इसके बाद से राज्य में हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं जिसके चलते इस पर समय-समय पर जारी आदेशों के तहत प्रतिबंध जारी है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मणिपुर गृह विभाग की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में सोशल मीडिया के संभावित दुरुपयोग और असामाजिक तत्वों के जरिये तस्वीरों, नफरती भाषण और नफरत से भरे वीडियो मैसेज फैलाने को लेकर चिंताओं का हवाला दिया गया. सरकार ने इस सभी को लेकर आशंका जताई है कि ये तत्व जन भावनाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं. यह मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं. ‘कानून-व्यवस्था सामान्य वाले जिलों में इंटरनेट सेवा खोलने की संभावना’ आयुक्त टी रणजीत सिंह की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य सरकार उन जिला मुख्यालयों में परीक्षण के आधार पर मोबाइल टावर खोलने की संभावना तलाशेगी जो मौजूदा कानून-व्यवस्था संकट से प्रभावित नहीं हुए हैं.
वहीं, इस तरह का प्रयोग अगर सफल होता है तो दूसरे क्षेत्रों में भी स्थिति सुधारने पर इसको दोहराया जा सकेगा. जातीय हिंसा में अब तक 180 से ज्यादा लोगों की हो चुकी मौतगौरतलब है कि 3 मई को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से अब तक 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इन हिंसक झड़पों में सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं. हिंसा के मद्देनजर ही मणिपुर में मोबाइल इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. छात्रों के शवों की वायरल फोटो से बिगड़ गया था माहौलकई माह बाद गत 23 सितंबर में मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई थी लेकिन दो लापता युवकों के शवों की फोटो वायरल होने के बाद छात्रों की सुरक्षा बलों के साथ झड़प हुई.
