
गोरखपुर : देश के निचले तबके के लोगों को राशन की कमी न हो इसलिए सरकार मुफ्त राशन मुहैया करा रही है। मुफ्त राशन का वितरण राशन कार्ड के जरिए किया जाता है। वहीं, अब राशन कार्डधारक देश के किसी भी कोने से अपने राशन कार्ड के जरिए एक देश एक राशन कार्ड योजना लागू की है। एक देश एक राशन कार्ड योजना लागू होने के बाद कई फर्जी राशनकार्ड धारियों का राशन कार्ड रद्द कर दिया गया है। इसी कड़ी में गोरखपुुर के 30326 राशन कार्डों को रद्द कर दिया गया है। अब इन उपभोक्ताओं को मुफ्त में राशन नहीं मिल पाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार देश में एक राष्ट्र एक राशन कार्ड की योजना लागू होने के बाद गोरखपुुर के 30326 राशन कार्ड प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। राशन कार्ड की आधार से सीडिंग कराए जाने के बाद 30326 ऐसे राशन कार्डो को चिह्नित किए गए जिनके परिवार के एक अथवा उससे अधिक सदस्यों के नाम गोरखपुर के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी राशन कार्ड में दर्ज हैं। आधार ने ऐसे लोगों के सस्ते दर पर राशन लेने के आधार को निराधार करार दिया है। जिसके बाद शासन ने इन राशन कार्डो पर राशन लेने पर रोक लगा दी है।
एक राष्ट्र एक राशन कार्ड की योजना लागू होने के बाद सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से पात्र लाभार्थी राशन कार्ड पर देश के किसी हिस्से में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से रियायती दर पर खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए विभिन्न राज्यों के राशन कार्ड धारकों का ब्यौरा सेंट्रल सर्वर में लिंक कराया गया है।
सेंट्रल सर्वर में राज्यों के ब्यौरे से आधार का मिलान कराने पर बड़ी संख्या में ऐसे राशन कार्ड पकड़ में आ रहे जिनके परिवार के एक अथवा उससे अधिक सदस्यों के नाम दो जगहों पर राशन कार्ड में दर्ज हैं। सेंट्रल सर्वर ने राज्यों से डेटा मिलान के बाद इसके बाद राज्यों को ऐसे राशन कार्डो की सूची भेजनी शुरू की है। गोरखपुर में 30326 राशन कार्ड ऐसे पाए गए हैं जिनके परिवार के सदस्यों के नाम नाम दो जगह राशन कार्ड में चल रहे हैं।
राशन कार्ड के साथ आधार कार्डो की फीडिंग के बाद उनकी सीडिंग को अनिवार्य किया गया। साल 2020 से सरकार ने हर राशन कार्ड की सीडिंग कराना अनिवार्य था। उत्तर प्रदेश में अब तक 99 प्रतिशत राशन कार्डो की सीडिंग हो चुकी है। राशन कार्ड बनवाने के लिए परिवार के हर सदस्य का आधार नंबर देना पड़ता है। ऐसे में एक से अधिक जगह आधार नंबर का इस्तेमाल करने पर यह गड़बड़ी सर्बर की पकड़ में आ जाती है।