बलौदाबाजार:- आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए, बलौदाबाजार जिले के लवन में गोंडवाना सामूहिक विवाह एवं भूमिपूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह आयोजन बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड समाज और तुरतुरिया माता महासभा लवन के नेतृत्व में हुआ. जिसमें समाज के 29 जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह की रस्में पूरी की.
इस कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री रामविचार नेताम और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल मौजूद रहे. उन्होंने न केवल समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, बल्कि इस आयोजन को समाज की एकता और सशक्तिकरण का प्रतीक बताया.
यह आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल है. इससे न केवल आर्थिक बोझ कम होता है, बल्कि समाज में एकता और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है. समाज के अन्य लोगों को भी इस मॉडल को अपनाना चाहिए.- रामविचार नेताम, मंत्री
बलौदाबाजार सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया कि सामूहिक विवाह समारोह पिछले 14 सालों से लगातार आयोजित किया जा रहा है. जिसका उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेवजह के खर्चों से बचाना और विवाह को सरल और गरिमामय बनाना है.
लवन महासभा का विशेष प्रयास है. लगातार 14 सालों से सामूहिक विवाह किया जा रहा है. इसे भविष्य में और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिले- कमलेश ध्रुव, प्रदेश उपाध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज
समारोह के दौरान मंत्री नेताम ने समाज के लिए महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की. उन्होंने लवन में सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की. इसके अलावा सिमगा और पलारी में बालक एवं बालिका पोस्ट मैट्रिक छात्रावास निर्माण की भी सौगात दी. मंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा और सामुदायिक सहयोग बेहद जरूरी है. जिसे पूरा करने समाज की सभी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा.
छत्तीसगढ़ में नई शराब दुकानों के खोले जाने को लेकर मंत्री नेताम ने सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि शराब एक सामाजिक बुराई है और इसे रोकने के लिए समाज को ही आगे आना होगा. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि अगर यह सामाजिक बुराई है, तो सरकार नई शराब दुकानें क्यों खोल रही है, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि इस पर परीक्षण चल रहा है.
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहुंचे. उन्होंने जनजातीय विकास के लिए सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया. गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस और 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है. इससे समाज को अपनी पहचान और अधिकारों के प्रति जागरूक होने में मदद मिलेगी. उन्होंने यह भी बताया कि कसडोल में समाज भवन का निर्माण हो रहा है और जल्द ही इसकी बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी.