देश भर के कई ऐसे बड़े छोटे मंदिर है जहाँ मंदिर परिसर के अंदर मोबाईल फोन , कैमरा का उपयोग करना मना होता है लेकिन अभी तक यह नियम केवल मंदिर के ट्रस्ट के द्वारा बनाया जाता था पर अब यह नियम कानूनी रूप से लागू हो गया है। हालही में मद्रास हाईकोर्ट ने मंदिर के अंदर मोबाईल के उपयोग पर प्रतिबन्ध लगाने के निर्देश दिए है।
वहीँ कोर्ट ने यह भी कहा कि इस बात पर कोई विवाद नहीं हो सकता क्योंकि अनुच्छेद 25 यह कहता है कि सभी व्यक्तियों को स्वतंत्रता से अपने धर्म का प्रचार-प्रसार, अपने धर्म को मानने का अधिकार है। मंदिर के अंदर ट्रस्ट के सदस्यों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पूजा वाले परिसरों में शालीनता और पवित्रता बनी रहे।
मंदिर के अंदर भटकता है भक्तो का ध्यान
कोर्ट ने पाया कि मंदिरो के अंदर मोबाईल या कैमरा उपयोग करने से भक्तो का ध्यान भटक जाता है। याचिकाकर्ता श्री सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि मंदिर के अंदर मोबाईल से तस्वीर लेना वीडियो बनाना यह कई मायनो में विपरीत है.
मंदिर के अंदर कई कीमती वस्तु होती है, जिसपर खतरा हो सकता है। मंदिर के अन्दर कई महिला भक्त होते है जिनकी तस्वीर ली जाएगी और उनका दुरूपयोग भी हो सकता है। याचिकाकर्ता ने शिकायत किया कि मंदिर के अंदर मोबाइल फोन के उपयोग से मंदिर की पवित्रता प्रभावित होती है।