नई दिल्ली:– पहलगाम में मंगलवार को हुए बर्बर हमले के बाद केन्द्र की मोदी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। पीएम आवास पर ढाई घंटे चली सीसीएस बैठक में भारत ने पांच ऐसे निर्णय लिए हैं जिससे ‘आतंक के आका’ की कमर टूट जाएगी। बैठक के बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इन फैसलों की जानकारी मीडिया के साथ साझा की है।
धरती का स्वर्ग और केस की क्यारी कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर घाटी एक बार फिर बेगुनाहों के लहू से लाल हो गई। ना’पाक आतंकियों ने निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया। इस बर्बर हमले में 28 सैलानियों की मौत हो गई। जिसके बाद पीएम मोदी बुधवार सुबह सउदी अरब दौरा रद्द कर वापस लौटे बल्कि शाम को सीसीएस की बैठक कर पाकिस्तान पर पांच बड़े प्रहार कर दिए।
1- सिंधु जल संधि पर रोक
सीसीएस बैठक मे लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को त्याग नहीं देता तब तक सिंधु जल संधि को रोका जाएगा।
2- पाकिस्तानी वीजा रद्द
सार्क वीज़ा छूट योजना के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अतीत में पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए किसी भी SPES वीज़ा को रद्द माना जाएगा। यानी पाकिस्तान के किसी भी नागरिक को अब भारत आने की अनुमति नहीं मिलेगी।
3- 48 घंटे में भारत छोड़ें पाकिस्तानी
SPES वीज़ा के तहत भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है। भारत में मौजूद हर एक पाकिस्तानी को 48 घंटों के अंदर देश की सीमा से बाहर जाना पड़ेगा।
4- घटाए जाएंगे उच्चायोग कर्मचारी
इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय उच्चायोगी के से अपने रक्षा, नौसेना और वायु सेना के अफसरों को वापस बुलाएगा। संबंधित उच्चायोगों में ये पद निरस्त माने जाएंगे। वहीं, पाकिस्तान को भी भारत में पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी घटाए जाएंगे।
5- अटारी-वाघा चेक पोस्ट बंद
इन बड़े फैसलों की कड़ी में भारत अमृतसर के अटारी-वाघा बॉर्डर पर चेक पोस्ट बंद करने का भी फैसला किया है। यानी कि अब अटारी-वाघा बॉर्डर पर अब किसी तरह का आवागमन नहीं होगा। भारत द्वारा लिया गया यह फैसला भी पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
