नई दिल्ली :– जिले के 25,727 किसानों को खरीफ बीमा योजना के तहत 172 करोड़ 73 लाख रुपये मिलेंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पिछले साल कुल एक लाख दो हजार 53 किसानों ने अपनी 1,09,942 हेक्टेयर भूमि में लगी फसल का बीमा कराया था। विभाग ने जांच पड़ताल की तो 76 प्रतिशत किसान छंट गए, फाइनल सूची में मात्र 25725 किसानों का नाम है।
किसानों को अगहनी धान में एक हेक्टेयर का बीमा कराने पर 81,724 रुपया तो भदई मकई में एक हेक्टेयर में 62,711 रुपये मिलने का प्रावधान है। राज्य सरकार ने अलग-अलग कंपनी को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी थी।
एचडीएफसी-इरगो कंपनी देगी मुआवजे की राशि
साहिबगंज में बीमा के लिए एचडीएफसी-इरगो को चयन किया गया था। यही कंपनी किसान को फसल की क्षतिपूर्ति राशि देगी। यह योजना केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित है।
इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सहकारिता विभाग की है। इस योजना में बाढ़, बरसात, सुखाड़ सहित अन्य वजहों से फसल बर्बाद होने पर मुआवजे का प्रावधान है।
इन गलतियों की वजह से हुई किसानों की छटनी
किसानों को प्राकृतिक आपदाओं की वजह से होने वाले नुकसान से आर्थिक मदद देने के लिए क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के तहत फसल का बीमा कराने वाले किसानों को नुकसान की स्थिति में मुआवजा दिया जाता है। 11 4
किस प्रखंड में कितने किसानों को मिलेगा लाभ
प्रखंड
किसान भूमि (हेक्टेयर में)
राशि (करोड़)
बरहेट 3640 4546.05 36.85
बरहड़वा 5202 2593.75 21.11
बोरियो 2252 2873.07 23.35
मंडरो 653 433.45 3.47
पतना 2069 1299.14 10.58
राजमहल 2336 1949.26 15.70
साहिबगंज 2638 2033.24 33.52
तालझारी 2534 3721.08 30.30
उधवा 4403 17.85 4403 2300.01 17.85
कुल 25725 21749.05 172.73
