कोरबा:–भाजपा के वरिष्ठ कद्दबर नेता प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की एक तस्वीर पूरे प्रदेश और देश की राजधानी दिल्ली में भाजपा नेताओं में खलबली मचा दी है। इस पर पूर्व राजस्व मंत्री कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल की फेसबुक पर टिप्पणी जिसे लेकर कलेक्टर की पोस्ट हटाने की नोटिस उपरांत मामला राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस बीच जयसिंह अग्रवाल ने भी कहा है कि वे अपनी फेसबुक प्रोफाइल से शेयर की गई संबंधित तस्वीर को नहीं हटाएंगे।
कांग्रेस नेता को कलेक्टर की नोटिस के बाद सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत विधानसभा परिसर में इस मामले में कोरबा कलेक्टर को आईना दिखाया। उन्होंने साफ कर दिया कि कलेक्टर को पूर्व राजस्व मंत्री को निर्देश देने का कोई अधिकार ही नहीं तद्उपरांत इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ दीपक बैज और खुद ननकी राम कंवर भी मैदान में उतर आए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा – “मुखिया जी” को न अपने दल की चिंता है और न महामहिम के पद के गरिमा की!
पूर्व सीएम ने एक्स पोस्ट पर लिखा अगर अधिकारी प्रशासन की जगह “मुखिया जी” का निजी “कलेक्टर” है तो उसको अधिकार मिल जाता है कि वह महामहिम के बराबर बैठ सकता है, “मुखिया जी” के ही दल के वरिष्ठतम नेता को अपने सामने खड़ा रख सकता है आलोचनाकार को भी “नोटिस” भेज सकता है. क्षीर सागर की शैया पर बस “धन” के छींटे पड़ते रहें तो “मुखिया जी” को न अपने दल की चिंता और न महामहिम पद की गरिमा की।

भूपेश बघेल के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा! कितना दुर्भाग्यपूर्ण है जिले के कलेक्टर महामहिम राज्यपाल के बराबर में बैठते है।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बैज ने एक्स पोस्ट पर लिखा।

जिले के कलेक्टर महामहिम राज्यपाल के बराबर में बैठते हैं। स्वयं राज्यपाल को उन्हें टोकना पड़ता है। एक सीनियर आदिवासी नेता ननकी राम कंवर जी को अपने सामने खड़ा रखते हैं और इस पर प्रतिक्रिया देने पर प्रदेश के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को प्रतिक्रिया वापस लेने निर्देश पत्र जारी कर देते हैं। क्या राज्यपाल के जिलों के दौरे से भाजपा इतनी क्षुब्ध हो गई कि इशारों इशारों में राज्यपाल की गरिमा से छेड़छाड़ कर रही है? पूर्व मंत्री और भाजपा के सीनियर आदिवासी नेता कंवर ने इस सरकार की पोल खोलकर रख दी है, सुनिए केदार कश्यप ये हाल है प्रदेश में आदिवासी नेताओं का तो आदिवासियों का क्या हाल होगा? कहीं इन सबके पीछे आपका हाथ तो नहीं..? यह भी जांच का विषय है।

ननकी राम कंवर का भी बयान आया सामने
बताते चलें मामले में दिलचस्प मोड तब आया जब स्वयं ननकी राम ने भी कलेक्टर के राज्यपाल के बगल में बैठे रहने को अनुचित बताया कहा कि एक वरिष्ठ नेता के तौर पर उनके सामने कलेक्टर का बैठे रहना सही नहीं था। नादान तो नहीं कहूंगा पर ग़लत व्यक्ति कलेक्टर बन गया हैं। जब ग्रामीणों की समस्या लेकर उनके कार्यालय जाने पर जो मुझे कह सकते हैं कि मेरे सामने लोगों को क्यों लाते हो..जबकि मैं प्रदेश का गृह मंत्री रह चुका हूं। अरे, मेरी जितनी राजनीतिक उम्र है उतनी तो उनकी उम्र सर्विस भी नहीं होगी। जयसिंह अग्रवाल द्वारा उठाए गए सवाल पर कंवर ने कहा कि एक राजनीतिक व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार होता है, तो स्वाभाविक है कि वह टिप्पणी करेगा और जयसिंह अग्रवाल ने सही टिप्पणी की है। इसके साथ ही उन्होंने कलेक्टर के व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कोरबा के लिए बहुत ही गलत व्यक्ति कलेक्टर बना है।

नेता प्रतिपक्ष के बयान के बाद सरगर्मी बढ़ी
इस मामले में विधानसभा में सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कलेक्टर द्वारा जारी किए गए नोटिस की भाषा और शब्दावली को बेहद आपत्तिजनक बताया। कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्रीको लेकर जिस तरह अमर्यादित रवैया दिखाया गया वह लोकतंत के लिए उचित नहीं हैं। प्रशासन से इस नोटिस को तत्काल वापस लेने की मांग की है साथ ही कहा कि अफसरों को अपनी सीमा में रहना चाहिए।
14 जुलाई 2025 को जयसिंह अग्रवाल ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें ननकी राम कंवर खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि कलेक्टर अजीत वसंत और राज्यपाल रमेन डेका बैठे हुए दिख रहे हैं। इस पोस्ट में जयसिंह अग्रवाल ने लिखा कि छत्तीसगढ़ के वरिष्ठतम आदिवासी नेता का अपमान बहुत ही कष्टप्रद है। पूर्व गृह मंत्री खड़े हैं, जबकि राज्यपाल रमेन डेका के साथ कलेक्टर अजीत बसंत बैठे हुए हैं। यह जान और सुनकर अत्यंत पीड़ा हुई।

पूर्व गृहमंत्री ने महामहिम राज्यपाल से भेंट मुलाकात में अपमानित किए जाने के संबंध में प्रकाशित समाचार का किया खंडन कहा कि राज्यपाल महोदय से कावेरी विहार गेस्ट हाउस में भेंट मुलाकात के समय जिस तरह से मुझे अपमानित करने की बात समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया है उसमें मैं कहना चाहता हूं कि मुझे महामहिम राज्यपाल से भेंट के समय कोई अपमानित नहीं किया है और समाचार पत्रों के माध्यम से बढ़ा चढ़ा कर समाचार प्रकाशित की जा रही है वह वास्तविक जानकारी के अभाव में समाचार प्रकाशित किया गया है। क्योंकि मैं महामहिम राज्यपाल रमेन डेका साहब से मुलाकात करने गेस्ट हाउस पहुंचा था लेकिन जैसे ही राज्यपाल महोदय को जानकारी प्राप्त हुआ कि छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ नेता पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर मिलना चाह रहे हैं तो उन्होंने अपने स्टाफ को भेज कर तत्काल सबसे पहले मुझे अपने कक्ष में बुलाकर समय दिये मुझे बैठने के लिए उन्होंने कहा इसके बाद मै राज्यपाल महोदय के सामने वाले सोफा में अपने सहयोगी कार्यकर्ता के साथ बैठा हुआ था और हमारे सामने सेंटर टेबल था जिसके आमने-सामने दो दो सोफा लगे हुए थे तब मुझे अपनी शिकायत पत्र राज्यपाल महोदय को देने के लिए अपने सोफे से उठकर देते समय फोटो जनसंपर्क विभाग के द्वारा खींचा गया है। मेरा किसी भी प्रकार का अपमान राज्यपाल महोदय के द्वारा नहीं किया गया है। मैं उन्हें साधुवाद देता हूं कि कोरबा भ्रमण पर अपने कीमती समय निकालकर मुझे मेरी बात सुनने के लिए समय दिए कोरबा मे प्रशासनिक कारणो से जो भी समस्या आ रही है उस संबंध में मैं विस्तार पूर्वक जानकारी से अवगत कराया। राज्यपाल ने मुझे किसी तरह से अपमान नहीं किया है जो भी समाचार में प्रकाशित किया जा रहा है वह बढा- चढ़ाकर बनाया गया है। वास्तविक मेरे सत्कार के संबंध में शायद पत्रकारों को सही जानकारी नहीं थी इसलिए वायरल फोटो को देखकर गलत समाचार प्रकाशित किया गया है या भाजपा सरकार को बदनाम करने की नीति से यह समाचार बनवाया गया है ऐसा मुझको लगता है। इस तरह मेरे सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली खबर पूर्ण रूप से गलत है इस तरह के प्रकाशित समाचार का मैं खंडन करता हूं।
बहरहाल इस मामले की गूंज भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय दिल्ली तक सुनाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार इस मामले को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में कोई बड़ा और कड़ा फैसला लिया जा सकता है।
