नई दिल्ली:– मई और जून के महीने में नौतपा शुरू हो जाती है। जो इस बार नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो रही है, जो कि 8 जून को समाप्त होगा। ज्योतिष शास्त्र में नौतपा का विशेष महत्व होता है
आपको बता दें, नौतपा के दौरान सूर्य पृथ्वी के बहुत निकट आ जाता है, जिसकी वजह से सूर्य की किरणें सीधी पड़ने से तापमान बढ़ जाता है। भीषण गर्मी से लोगों का हाल-बेहाल हो जाता है।
घर से बाहर निकलना दूभर होने लगता है। सूरज की ताप से शरीर झुलस जाती है। इसलिए नौतपा के 9 दिन में जब तक आपको बहुत जरूरी कोई काम न हो घर से बाहर दोपहर के समय न निकलें।
कहते हैं कि नौतपा के दौरान भगवान सूर्य देव की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलती है। नौतपा में कुछ उपाय करने से सूर्य देव को प्रसन्न किया जा सकता है। आइए जानें कि नौतपा में सूर्य देव को खुश करने के लिए क्या करें?
कैसे करें नौतपा में सूर्य देव को प्रसन्न
ज्योतिषयों के अनुसार, सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए नौतपा में सूर्योदय से पहले स्नान करें और उगते हुए सूर्य को जल अर्पित करें। तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें रोली, लाल फूल डालकर जल चढ़ाएं।।
सूर्य को जल चढ़ाते समय ‘ॐ घृणि सूर्याय नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए। सूर्य को जल चढ़ाते समय लोटे से गिरती जल की धारा को देखें और फिर हाथ जोड़कर सूर्य देव को प्रणाम करें।
सूर्य देव को अति प्रिय ये वस्तुएं
सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए नौतपा के दौरान सूर्य देव को गाय, गुड़, तांबा, सोना और लाल वस्त्र आदि अर्पित कर सकते है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित है। सूर्य देव को रविवार को कदम्ब और मुकुर के फूल अर्पित करने चाहिए। इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं।
सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए जपें ये मंत्र
सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए आप आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ कर सकते हैं, इसके अलावा सूर्य मंत्र और सूर्य गायत्री मंत्र का जाप करिए। नौतपा के दौरान राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाएं। साथ ही गुड़, घी, सोना, तांबा, गेहूं, लाल कपड़ा गरीबों को दान करने से सूर्यदेव खुश होते हैं।
चंद्रमा मन का भी कारक होता है। इसलिए जो लोग माता-पिता का अपमान करते हैं तो वो कभी स्वस्थ और सुखी नहीं रहते हैं। आप रविवार का व्रत सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए कर सकते हैं।
