सुकमा:- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 33 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जिनमें से 17 नक्सलियों पर कुल 49 लाख रुपये का इनाम था. पुलिस ने बताया कि दिन में नौ महिलाओं समेत 22 नक्सलियों ने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया, जबकि बाद में दो महिलाओं समेत 11 अन्य ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया.
33 नक्सलियों का आत्मसमर्पण: छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 का असर देखा जा रहा है. नक्सली इलवद पंचायत योजना के तहत सुकमा जिले की बडेसट्टी ग्राम पंचायत से कुल 11 सक्रिय नक्सलियों ने सरेंडर किया है. नक्सलियों ने एसपी सुकमा के सामने हथियार डाले. इस प्रकार बडेसट्टी ग्राम नक्सल सदस्य मुक्त होने वाला प्रदेश का पहला ग्राम पंचायत होगा. इस योजना के तहत ग्राम पंचायत को 1 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिलेगी.
नक्सल मुक्त ग्राम पंचायत घोषित : सुकमा एसपी किरण चव्हाण के मुताबिक नक्सली इलवद पंचायत योजना के तहत ऐसे ग्राम पंचायतों को जहां से सभी सक्रिय नक्सली संगठन छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटते हैं.नक्सल मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जाता है. शासन की इस योजना के अंतर्गत ऐसे ग्राम पंचायतों को 1 करोड़ की राशि निर्माण कार्यों हेतु तत्काल स्वीकृत की जाती है. आत्मसमर्पित नक्सलियों में से चार पर दो-दो लाख रुपये और एक पर पचास हजार रुपये का कुल 8.50 लाख का इनाम घोषित था. सभी आत्मसमर्पितों को पुनर्वास नीति के अंतर्गत 50 हजार की प्रोत्साहन राशि अन्य जरुरी सुविधाएं दी गई हैं. शासन उन्हें आगे चलकर स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक पुनःस्थापन की दिशा में हर संभव सहायता देगी.
यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन जैसे प्राथमिक ढांचे के विकास में व्यय की जाती है, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित किया जा सके. आत्मसमर्पित माओवादियों में से चार पर दो – दो लाख रुपये और एक पर पचास हजार रुपये का कुल 8.50 लाख रुपए का इनाम घोषित था. सभी आत्मसमर्पितों को पुनर्वास नीति के अंतर्गत 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि, वस्त्र और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं हैं. शासन द्वारा उन्हें आगे स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक पुनःस्थापन की दिशा में हर संभव सहायता दी जाएगी- किरण चव्हाण, एसपी सुकमा
”सामूहिक सरेंडर ऐतिहासिक”: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुकमा जिले में 11 सक्रिय नक्सलियों के सामूहिक आत्मसमर्पण को ऐतिहासिक बताया है.उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलवाद के समाधान के लिए जिस संवेदनशील और दूरदर्शी नीति को अपनाया है. उसका परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है. आज का आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि विश्वास, पुनर्वास और विकास की त्रिस्तरीय रणनीति से नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिल रही है. मैं आत्मसमर्पण करने वाले सभी का स्वागत करता हूं. उन्हें एक नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देता हूं.
नियद नेल्लानार योजना, पुलिस जवानों की सतत उपस्थिति, नक्सली संगठनों की क्रूरता और भेदभाव तथा शासन की नई नीतियों से मिले भरोसे से मिली.यह घटना न केवल बडेसट्टी पंचायत के लिए बल्कि समूचे सुकमा और बस्तर अंचल के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि अब बंदूक नहीं, विकास की राह ही बदलाव का मार्ग है.नक्सल मुक्त ग्राम पंचायत घोषित होने की शुरुआत सुकमा जिले से हो चुकी है, निश्चित रूप से बस्तर सहित पूरे प्रदेश के ग्राम पंचायत अब नक्सलमुक्त होंगे.नक्सलमुक्त होते ही ग्राम पंचायत का भी विकास होगा- विजय शर्मा, डिप्टी सीएम
क्या है नक्सल इलवद पंचायत योजना : नक्सली इलवद पंचायत योजना के तहत ऐसे ग्राम पंचायतों को जहां से सभी सक्रिय नक्सली संगठन छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटते हैं. नक्सल मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जाता है. शासन की इस योजना के अंतर्गत ऐसे ग्राम पंचायतों को 1 करोड़ की राशि निर्माण कार्यों हेतु तत्काल स्वीकृत की जाती है. यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन जैसे प्राथमिक ढांचे के विकास में व्यय की जाती है. जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित किया जा सके.