नई दिल्ली:- बिहार विधानसभा में वित्तमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को 3.17 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। सर्वाधिक 60 हजार करोड़ का बजट एजुकेशन सेक्टर के लिए आवंटित किया है। वहीं स्वास्थ्य सुविधा के लिए 20335 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। नीतीश सरकार हर पंचायत में विवाह मंडप बनाएगी। जहां गरीब परिवारों की बेटियों की शादी कराई जाएगी। महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाने का ऐलान भी किया गया है।
चुनावी साल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का महिला, किसान और युवाओं पर ज्यादा फोकस है। राज्य की 6 करोड़ महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। हालांकि, डीजल-पेट्रोल सस्ता होने की उम्मीद कम ही है। सरकार अभी वैट कम करने के मूड में नहीं दिख रही।
बिहार बजट में स्वास्थ्य सुविधा के लिए ऐलान
बेगूसराय में कैंसर अस्पताल की स्थापना की जाएगी। साथ ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम व इलाज के लिए बिहार कैसर केयर सोसाईटी बनाई जाएगी।
बिहार में निजी क्षेत्र के सहयोग से नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। साथ ही निजी जन भागीदारी मॉडल पर भी सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।
बिहार के बड़े अनुमंडलों में अनुमंडलीय अस्पताल के अलावा अन्य रेफरल अस्पताल बनाए जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा लोक स्वास्थ्य प्रबंधन संवर्ग का सृजन किया जाएगा।
बिहार के सभी शहरों में वंचित और स्लम क्षेत्रों में नगर चिकित्सा सुविधा केन्द्रो स्थापना किए जाएंगे। पहले चरण में बिहार के 9 प्रमण्डलों के जिला मुख्यालयों में 108 चिकित्सा केन्द्र खोले जाएंगे।
बिहार बजट में रोजागर और उद्योग के लिए बड़े ऐलान
बिहार में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2025 तैयार की जा रही है। जो निवेशकों को हर संभव सहयोग करेगी। इससे राज्य में आर्थिक गतिविधियां और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उद्यमिता विकास संस्थान का जीर्णोद्धार कर इसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा।
सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना पूसा में की जाएगी।
बिहार में प्लास्टिक विनिर्माण क्षेत्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इसके लिए बिहार प्लास्टिक विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 लागू की जाएगी।
बिहार को फार्मास्युटिकल और चिकित्सा उपकरण विनिर्माण का हब बनाएंगे। इसके लिए रिसर्च और पारिस्थितिकी तंत्र डेवलप करने बिहार फार्मास्युटिकल प्रमोशन पॉलिसी-2025 लागू की जाएगी।
बिहार में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमों के लिए वृहत संभावना है। इसके लिए बिहार खाद्य प्रसंस्करण नीति 2025 लागू की जाएगी।
बिहार में वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित करने बिहार बॉयोफ्यूला उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2025 लागू की जाएगी। निजी कंपनियां और तेल विपणन कम्पनियां यहां कम्प्रेस्ड बायोगैस इकाईयों स्थापित करेंगी।
हैदराबाद, बेंगलुरू, मुंबई, दिल्ली एनसीआर, कोलकाता, गुवाहाटी, सूरत, लुधियाना, कोयम्बटूर और चेन्नई सहित देश के अन्य बड़े शहरों में प्रवासी परामर्श सह निबंधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ताकि, राज्य के प्रवासी श्रमिकों को हर संभव सहयोग मिले।
बिहार के सभी जिलों में बस स्टैंड मार्डनाइज किए जाएंगे।
बिहार के सभी अनुमंडलों और प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जाएंगे।
बिहार बजट में किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं
सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में 302 प्रखंड स्तरीय प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है। आगामी वित्तीय वर्ष में शेष सभी प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियां गठित कर इन्हें संघ से संबद्ध किया जाएगा।
प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति के उत्पाद को उचित मूल्य और विपणन सुविधा उपलब्ध कराने बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण और विपणन फेडरेशन द्वारा सुधा की तरह प्रखंड स्तर पर तरकारी सुधा आउटलेट खोले जाएंगे।
बिहार के 21 कृषि उत्पादन बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण के लिए 1.289 करोड़ आवंटित किए गए हैं। अन्य बाजार समिति प्रांगण को भी कार्यशील किया जाएगा।
राज्य सरकार ने नेशनल कोऑपरेटिव कन्ज्यूमर फेडरेशन , नेफंड इत्यादि से समन्वय बनाकर अरहर, मूंग, उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करेगी।
बिहार के सभी अनुमंडलों और प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जाएंगे।
बिहार बजट 2025-26 में महिलाओं के लिए बड़े ऐलान
राज्य के प्रमुख शहरों में महिलाओं के लिए पिंक बसें संचालित की जाएंगी। पिंक बसों में चालक और परिचालक भी महिलाएं ही होंगी।
महिलाओं को स्वावलंबी बनाने ई-रिक्शा और ई-स्कूटी खरीदने के लिए अनुदान दिया जाएगा।
बिहार की राजधानी पटना सहित अन्य बड़े शहरों में उनके लिए ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे।
बिहार सरकार ने पटना में Gym on Wheels की शुरुआत करेगी। इनमें सिर्फ महिला प्रशिक्षक होंगी।
बिहार के सभी शहरों में महिलाओं के लिए पिक टॉयलेट बनेंगे। प्रथम चरण में एक माह के अंदर 20 पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे।
पटना में महिला हाट की स्थापना की जाएगी। अन्य सभी बड़े शहरों में स्थापित व्यापार स्थल में महिलाओं के लिए स्थल को कर्णांकित किया जाएगा।
बिहार के प्रमुख शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित करने और इनके संचालन के लिए नियमावली और कार्य योजना तैयार की जाएगी।
हर पंचायत में विवाह मंडप बनाए जाएंगे, जहां गरीब परिवार की बेटियों के विवाह कराए जाएंगे।
महिला सिपाहियों को थाने के आसपास ही आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
बिहार सरकार के वित्तमंत्री व डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने दोपहर 1 बजे घर में पूजा अर्चना करने के बाद विधानसभा के लिए निकले। भाजपा विधायकों ने यहां उनका स्वागत किया।
सम्राट चौधरी ने बताया, 2004-05 में बिहार का बजट 23 हजार 88 करोड़ रुपए था, जो 2025-26 में बढ़कर 3 लाख 17 हजार करोड़ हो गया है। सामाजिक सेवा, आर्थिक सेवा और सम्मान सेवा के लिए 40 हजार 531 करोड़ का बजट आवंटित किया है।
